एक तरफ जहां कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन लगातार देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ भारत की युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने इतिहास रच दिया है। मात्र 17 साल 222 दिन की उम्र में तन्वी ने ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीता है। इस खिताबी जीत के साथ ही पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। उन्होंने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट को अपने नाम कर लिया है।
फाइनल मुकाबले में सीधे सेटों में मिली जीत ताइपे ओपन सुपर 300 के इस फाइनल मुकाबले में तन्वी शर्मा का सामना वियतनाम की खिलाड़ी से हुआ। फाइनल में उनकी भिड़ंत छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी थुई लिन्ह एनगुएन से देखने को मिली। भारतीय खिलाड़ी तन्वी ने यह मुकाबला सीधे 2 सेटों में अपने नाम कर लिया। पूरे 36 मिनट तक चले इस रोमांचक मैच में तन्वी ने विरोधी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया। 36 मिनट के भीतर ही मुकाबला जीतकर उन्होंने इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया।
साइना नेहवाल के रिकॉर्ड की बराबरी इस खिताबी जीत के साथ तन्वी शर्मा ने एक बड़ा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है। वह ताइपे ओपन सुपर 300 में महिला सिंगल्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले साल 2008 में भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने यह खिताब जीता था। साल 2008 के बाद से अब तक कोई भी भारतीय महिला खिलाड़ी यह कारनामा नहीं कर सकी थी। तन्वी ने 2008 के बाद इस सूखे को खत्म कर इतिहास के पन्नों में नाम दर्ज कराया।
दोनों सेटों में वियतनामी खिलाड़ी पर दबदबा मैच के दोनों ही सेटों में तन्वी शर्मा का वियतनामी खिलाड़ी थुई लिन्ह एनगुएन के खिलाफ पूरा दबदबा रहा। तन्वी ने इस खिताबी मुकाबले के पहले सेट को 21-16 के अंतर से अपने नाम कर लिया था। इसके बाद उन्होंने दूसरे सेट में भी वही लय बरकरार रखी और उसे भी 21-16 से जीत लिया। तन्वी इसी के साथ इस टूर्नामेंट का महिला सिंगल्स खिताब जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने ताइपे की ताई जू-यिंग का 18 साल 85 दिन की उम्र वाला पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
दिग्गज खिलाड़ी ली योंग डे का तोड़ा रिकॉर्ड तन्वी शर्मा ने जब इस टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया था, तभी एक नया कीर्तिमान स्थापित हो गया था। उन्होंने कोरिया के महान युगल खिलाड़ी ली योंग डे का सबसे कम उम्र में फाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड तोड़ा। इसके अलावा तन्वी उस भारतीय टीम की सदस्य भी रही हैं जिसने एशियाई टीम चैंपियनशिप में पहला गोल्ड मेडल जीता। पूर्व विश्व जूनियर नंबर एक तन्वी वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के एक सत्र में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं। उनकी इस उपलब्धि से भारतीय खेल जगत गौरवान्वित हुआ है।
पूर्व की असफलता के बाद मिली बड़ी सफलता 16 साल की उम्र में साल 2025 में तन्वी शर्मा अमेरिकी ओपन के फाइनल में पहुंची थीं। 2025 अमेरिकी ओपन के रूप में उन्होंने अपने करियर का पहला सुपर 300 फाइनल मैच खेला था। हालांकि उस समय वह खिताबी मुकाबला जीतने में कामयाब नहीं हो पाई थीं और उन्हें निराशा हाथ लगी थी। लेकिन इस बार ताइपे ओपन के फाइनल में उन्होंने अपनी पिछली गलती से सीखते हुए कोई चूक नहीं की। तन्वी ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर इस बार ऐतिहासिक जीत हासिल कर भारत का मान बढ़ाया।


























































