बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के समायोजन और नई भर्ती की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। राज्य में लागू की गई नई शिक्षक समायोजन एवं रेशनलाइजेशन नीति के तहत सबसे पहले सरप्लस शिक्षकों का तबादला किया जाना तय हुआ है। इसके उपरांत बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC के माध्यम से TRE-4 के अंतर्गत 32,388 नए शिक्षकों की भर्ती पूरी की जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि इस पूरी व्यवस्था के संचालन हेतु ई-शिक्षा कोष पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस नए ऑनलाइन पोर्टल पर शुरुआती दो दिनों के भीतर ही बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपने आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर दिए हैं।
आवेदनों के आंकड़े: शिक्षा मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक 14,796 सरप्लस शिक्षकों ने ऑनलाइन ट्रांसफर के लिए आवेदन अंतिम रूप से जमा कर दिया है। इसके अतिरिक्त 7,795 अन्य शिक्षकों ने अपना आवेदन पत्र पूरा भरकर पोर्टल पर सेव कर लिया है, जिन्हें अभी अंतिम रूप से सबमिट किया जाना बाकी है। इस प्रकार पोर्टल के माध्यम से कुल 22,591 शिक्षकों ने स्थानांतरण की आवश्यक प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। इसके साथ ही 2,142 शिक्षकों ने आपसी सहमति से होने वाले म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए भी अपना आवेदन सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया है। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि ट्रांसफर हेतु आवेदन करना पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसकी अंतिम तिथि 5 अगस्त 2026 तय है।
सरप्लस शिक्षक व्यवस्था: शिक्षा विभाग की नई नीति के अंतर्गत उन शिक्षकों को सरप्लस की श्रेणी में रखा गया है जो ऐसे स्कूलों में तैनात हैं जहां अनुपात से अधिक शिक्षक हैं। नीति का मुख्य उद्देश्य इन अतिरिक्त शिक्षकों को उन विद्यालयों में स्थानांतरित करना है जहां वर्तमान में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। यदि किसी शिक्षक का किसी विद्यालय में तत्काल समायोजन संभव नहीं हो पाता है, तो उन्हें अन्य सरकारी संस्थानों में भेजा जाएगा। ऐसी स्थिति में शिक्षकों को आंगनबाड़ी केंद्रों, अनुसूचित जाति छात्रावासों तथा कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों में अस्थाई रूप से तैनात किया जाएगा। इस नई नीति के माध्यम से राज्य के शैक्षणिक ढांचे को संतुलित और अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है।
विकल्प एवं नियम: नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन करने वाले शिक्षक को ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए अधिकतम 30 अलग-अलग स्कूलों का विकल्प चुनने की सुविधा दी गई है। महिला शिक्षकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए उनकी पोस्टिंग उनके पंजीकृत गृह पते से जुड़े आसपास के पंचायत क्षेत्रों में ही की जाएगी। दूसरी ओर, पुरुष शिक्षकों का स्थानांतरण उनके वर्तमान प्रखंड से बाहर लेकिन उससे बिल्कुल सटे हुए अन्य प्रखंडों में करने का नियम बनाया गया है। राज्य सरकार ने यह भी तय किया है कि सामान्य परिस्थितियों के अंतर्गत सभी शिक्षकों का स्थानांतरण प्रत्येक 5 वर्ष की अवधि में किया जाएगा। इस व्यवस्था से राज्य भर के दूर-दराज के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक पठन-पाठन का स्तर काफी हद तक सुधरने की उम्मीद है।
आंकड़े एवं आवश्यकताएं: शिक्षा विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बिहार में फिलहाल विभिन्न श्रेणियों को मिलाकर बड़ी संख्या में सरप्लस शिक्षक कार्यरत पाए गए हैं। इनमें कक्षा 1 से 5 तक 65,413, कक्षा 6 से 8 तक 9,471, कक्षा 9 से 10 तक 17,904 और कक्षा 11 से 12 तक 14,500 सरप्लस शिक्षक शामिल हैं। इन भारी आंकड़ों के बावजूद राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों में प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की लगातार कमी बनी हुई है। Araria, Jamui और Purnia जैसे जिलों में विद्यालयों के सुचारू संचालन हेतु प्राथमिक शिक्षकों की भारी कमी दर्ज की गई है। इसी असमानता और कमी को दूर करने के लिए सरकार ने स्थानांतरण और समायोजन की इस व्यापक योजना को लागू किया है।
नई भर्ती अधियाचना: सरप्लस शिक्षकों के इस समायोजन कार्य के तुरंत बाद राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर नई नियुक्तियां करने की पूरी योजना तैयार है। राज्य सरकार ने TRE-4 के अंतर्गत कुल 32,388 रिक्त पदों पर शिक्षकों की नई भर्ती के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी है। आयोग को भेजी गई इस अधियाचना में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के विभिन्न श्रेणियों के पद पूरी तरह शामिल किए गए हैं। इसमें कक्षा 1 से 5 के लिए 3,847 पद, कक्षा 6 से 8 के लिए 8,563 पद, कक्षा 9 से 10 के लिए 3,877 पद निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त सबसे अधिक कक्षा 11 से 12 के लिए 16,101 पद शामिल हैं, जिन पर जल्द ही आयोग भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा।


























































