कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 1 जुलाई का दिन भारतीय बॉक्सर्स के लिए बेहद ऐतिहासिक और यादगार साबित हुआ। भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कुल 7 गोल्ड मेडल अपने नाम दर्ज किए। भारत के लिए इस दिन प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पांघल ने स्वर्ण पदक जीते। इसके साथ ही सोमन राणा ने पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में भारत के लिए एक और गोल्ड मेडल जीता। भारत ने इस बार मुक्केबाजी में सात स्वर्ण और तीन रजत सहित कुल 10 पदक हासिल किए।
सिल्वर और ब्रॉन्ज: 1 जुलाई को अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय एथलीटों ने देश के लिए कई महत्वपूर्ण पदक अपने नाम किए। पुरुषों की ट्रिपल जंप प्रतियोगिता में प्रवीण चित्रवेल ने भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद जादूमणि सिंह ने मुक्केबाजी के 55 किग्रा वर्ग में और शुभम जुयाल ने पैरा एथलेटिक्स शॉट पुट में रजत पदक जीता। लवलीना बोरगोहेन ने मुक्केबाजी के 75 किग्रा में तथा नरेंदर बेरवाल ने आखिरी फाइनल में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। वहीं जूडो खेल प्रतियोगिता में उन्नति शर्मा ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया।
अंकुश का स्वर्ण: भारत के लिए मुक्केबाजी स्पर्धा में दिन का अंतिम गोल्ड मेडल अंकुश पांघल ने अपने बेहतरीन खेल से जीता। अंकुश ने पुरुष 80 किग्रा के फाइनल में England के डिमेजी शिट्टू को खंडित फैसले में 4-1 से पराजित किया। यह भारत के लिए बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सातवां गोल्ड मेडल था, जिसने देश का कुल पदक तालिका में स्थान मजबूत किया। अंकुश से ठीक पहले सचिन ने पुरुष 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में मुकाबला खेला। सचिन ने Namibia के ट्राईगेन मॉर्निंग नदेवेलो को खंडित फैसले में 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
लवलीना और अरुंधति: लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किग्रा वर्ग की मुक्केबाजी स्पर्धा में देश के लिए बेहद कड़ा मुकाबला लड़कर रजत पदक हासिल किया। फाइनल मैच में लवलीना का सामना Australia की प्रतिभावान मुक्केबाज एम्मा सुई ग्रीनट्री के साथ हुआ। बेहद रोमांचक रहे इस मुकाबले में एम्मा ने खंडित फैसले में लवलीना को 4-1 के अंतर से हरा दिया। वहीं उनसे ठीक पहले अरुंधति चौधरी ने महिला 70 किग्रा वर्ग के फाइनल में शानदार पंच दिखाए। अरुंधति ने England की चेंटेले रीड को एकतरफा अंदाज में सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से हराकर गोल्ड जीता।
शुरुआती सफलताएँ: भारत के लिए 1 जुलाई के दिन की स्वर्णिम शुरुआत प्रीति पवार ने महिला 54 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर की थी। इसके तुरंत बाद जैस्मिन लंबोरिया ने मुक्केबाजी की महिला 57 किग्रा स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को दूसरा गोल्ड दिलाया। मुक्केबाजी में भारत सभी प्रतिभागी देशों के बीच सबसे अधिक गोल्ड मेडल जीतने वाला शीर्ष देश बन गया है। दिन के अंत में भी भारतीय बॉक्सर अंकुश पंघाल ने रिंग में अपनी ताकत का शानदार नजारा पेश किया। उन्होंने देश के लिए एक और स्वर्णिम पदक जीतकर भारत के अभियान को शानदार ऊंचाई प्रदान की।
पदक तालिका: भारत इस कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल सहित कुल 38 मेडल जीत चुका है। इस उत्कृष्ट और ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में वर्तमान में चौथे स्थान पर काबिज है। भारतीय खिलाड़ियों का यह शानदार प्रदर्शन देश भर के खेल प्रेमियों के लिए बेहद गर्व का विषय बना हुआ है। मुक्केबाजी और अन्य खेलों में मिले इन पदकों ने भारत के अभियान को बेहद मजबूत स्थिति प्रदान कर दी है। आने वाले दिनों में भारतीय खिलाड़ियों से देश को और भी कई पदकों की उम्मीदें बनी हुई हैं।


























































