नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को आई अचानक बाढ़ में 162 लोगों की जान चली गई और कई भारतीय नागरिक लापता हो गए हैं। इसके बाद नेपाल द्वारा भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की आशंका से यूपी और बिहार सरकारें सतर्क हो गई हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठकों में तैयारियों का जायजा लिया। दोनों राज्य संभावित निकासी उपायों पर तेजी से काम कर रहे हैं। वहीं उत्तराखंड के चंपावत जिले में भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
बिहार में नदियों की स्थिति: नेपाल से बिहार में आने वाली गंडक और कोसी नदियां उफान पर हैं और स्थिति को बिगाड़ सकती हैं। पानी के भारी दबाव को देखते हुए वाल्मीकि नगर गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। बैराज से 1.5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद अब जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। जल संसाधन विभाग के इंजीनियरिंग स्टाफ की छुट्टियां कैंसल कर दी गई हैं। संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे लगातार गश्त की व्यवस्था की गई है।
बिहार में राहत व बचाव कार्य: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंडक नदी से सटे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष अलर्ट जारी किया है। सीतामढ़ी और शिवहर के संवेदनशील इलाकों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। बगहा और वैशाली के निचले इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। प्रशासन राहत कार्यों के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
उत्तर प्रदेश में व्यापक अलर्ट: उत्तर प्रदेश में गंडक नदी महराजगंज और कुशीनगर के रास्ते प्रवेश करती है, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलर्ट जारी किया है। महराजगंज के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने आपदा प्रबंधन और पुलिस टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है। कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खड्डा तहसील के शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर में लाउडस्पीकर से चेतावनी जारी करवाई है। आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया गया है।
उत्तराखंड में शारदा नदी पर गश्त: नेपाल की तबाही को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने अपने सीमावर्ती जिले चंपावत में सुरक्षा प्रबंध बेहद कड़े कर दिए हैं। मौसम विभाग द्वारा 1 सितंबर तक भारी बारिश के अलर्ट के बीच एसडीआरएफ की टनकपुर चौकी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एसडीआरएफ के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर टीम शारदा नदी, शारदा घाट और शारदा बैराज के आसपास गश्त कर रही है। नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
जनजागरूकता और सुरक्षा उपाय: एसडीआरएफ द्वारा उत्तराखंड में स्थानीय निवासियों, तीर्थयात्रियों और मछुआरों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के तटीय इलाकों के पास अनावश्यक रूप से बिल्कुल न जाएं। प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया जा रहा है। बचाव दल सभी आवश्यक जीवनरक्षक और बचाव उपकरणों के साथ 24 घंटे मुस्तैद हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू करने की पूरी तैयारी की जा चुकी है।











































