FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के खिताबी मुकाबले में स्पेन को हार का सामना करना पड़ा है। एक बेहद कड़े मुकाबले में जर्मनी की मजबूत टीम ने स्पेन को 1-0 के अंतर से मात दे दी। वावरे के मैदान पर खेले गए इस फाइनल मैच में स्पेन की टीम ने गोल करने के कई मौके गंवाए। स्पेनिश टीम लंबे इंतजार के बाद विश्व कप के खिताबी मुकाबले तक पहुंचने में सफल रही थी। हालांकि, 44वें मिनट में गोल खाने के बाद स्पेन की टीम मैच में वापसी नहीं कर पाई।
वावरे में कांटे की टक्कर: बेल्जियम के वावरे में स्पेन और जर्मनी की टीमों के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिली। मैच के शुरुआती हाफ में दोनों ही टीमों के फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने गोल करने के कई मौके तैयार किए। पहले 15 मिनट के खेल में स्पेन और जर्मनी दोनों को एक-एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुआ था। हालांकि, दोनों ही टीमें इस मौके को भुनाने में पूरी तरह से असफल रहीं और गोल नहीं हुआ। स्पेन ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन पहला हाफ गोलरहित ही खत्म हुआ।
तीसरे क्वार्टर का आक्रामक खेल: मैच के तीसरे क्वार्टर में स्पेन की टीम ने जर्मनी पर पूरी तरह दबाव बना लिया था। स्पेनिश टीम ने इस दौरान जर्मन गोलपोस्ट पर एक के बाद एक लगातार 10 तीखे हमले किए। इतने हमलों के बाद भी स्पेन की टीम जर्मनी के मजबूत डिफेंस में कोई सेंध नहीं लगा पाई। इसी बीच 44वें मिनट में जर्मनी के माइकल स्ट्रुथॉफ ने काउंटर अटैक पर गोल दाग दिया। दाईं ओर से मिले शानदार पास को माइकल ने गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
आखिरी मिनटों का बड़ा जोखिम: मैच में पिछड़ने के बाद स्पेन की टीम ने स्कोर बराबर करने के लिए अपनी पूरी जान लगा दी। स्पेनिश कोच ने मैच के अंतिम मिनटों में अपने गोलकीपर को मैदान से बाहर बुलाने का जोखिम उठाया। स्पेन ने मैदान पर एक अतिरिक्त आक्रामक खिलाड़ी को उतारकर जर्मनी के गोल पर चौतरफा हमला बोला। इस आक्रामक रणनीति के बावजूद जर्मनी का रक्षात्मक दस्ता पूरी तरह से अभेद्य बना रहा। स्पेनिश फॉरवर्ड खिलाड़ियों के तमाम प्रयास जर्मन रक्षापंक्ति के सामने आकर पूरी तरह से विफल हो गए।
स्पेन का खिताबी इंतजार कायम: इस हार के साथ ही स्पेन का पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। स्पेन की टीम इससे पहले 1998 में विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेलने में कामयाब रही थी। यह स्पेन के हॉकी इतिहास का कुल तीसरा फाइनल मुकाबला था, जिसमें उसे फिर निराशा हाथ लगी। दूसरी ओर, जर्मनी ने यह मैच जीतकर चौथी बार वर्ल्ड कप की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की। जर्मनी ने इस जीत के साथ पाकिस्तान के चार बार विश्व कप जीतने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
टूर्नामेंट के अन्य परिणाम: स्पेन ने सेमीफाइनल में नीदरलैंड्स को 4-3 से हराकर पहली बार इतने लंबे समय बाद फाइनल में कदम रखा था। जर्मनी ने वावर में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना को 2-1 से हराकर खिताबी मैच का टिकट पाया था। ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेले गए मैच में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड्स को 2-1 से हराकर तीसरा स्थान पाया। महिला हॉकी में अर्जेंटीना ने 29 अगस्त को नीदरलैंड्स को हराकर खिताब जीता था। इस टूर्नामेंट के दौरान भारतीय महिला टीम ने भी मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कराया।













































