आज 06 सितंबर 2026, दिन रविवार है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, यात्रा अथवा नए व्यवसाय का श्रीगणेश करने से पहले दैनिक पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। आइए जानते हैं आज के मुख्य पंचांग तत्व, ग्रहों की स्थिति, शुभ और अशुभ मुहूर्त तथा भारत के प्रमुख शहरों में राहुकाल का सही समय।
मुख्य पंचांग एवं तिथि विवरण
- विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी / रौद्र)
- शक संवत: 1948 (पराभव)
- मास: भाद्रपद (भादों)
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: दशमी तिथि (शाम 07:30 बजे तक), इसके पश्चात एकादशी तिथि प्रारंभ होगी।
- नक्षत्र: आर्द्रा नक्षत्र (शाम 07:53 बजे तक, स्वामी: राहु), इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र आरंभ होगा।
- योग: सिद्धि योग (सुबह 09:45 बजे तक), इसके पश्चात व्यतीपात योग प्रारंभ होगा।
- करण: वणिज (सुबह 08:41 बजे तक), तत्पश्चात विष्टि / भद्रा (शाम 07:30 बजे तक)।
- चन्द्र राशि: मिथुन राशि (दिन-रात)।
- सूर्य राशि: सिंह राशि।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय
- सूर्योदय: सुबह 06:01 AM
- सूर्यास्त: शाम 06:37 PM
- चन्द्रोदय: मध्यरात्रि 01:40 AM (06 सितंबर)
- चन्द्रास्त: दोपहर 03:09 PM (07 सितंबर)
शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
किसी भी नए कार्य, पूजन या मांगलिक अनुष्ठान के लिए निम्नलिखित समय अत्यंत श्रेष्ठ माने जाते हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:55 AM से 04:41 AM तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:15 AM से 06:24 AM तक
- अमृत काल: सुबह 10:33 AM से दोपहर 12:03 PM तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:54 AM से 12:44 PM तक (दिन का सबसे श्रेष्ठ समय)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:41 PM से 03:30 PM तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:49 PM से 07:12 PM तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:49 PM से 07:59 PM तक
अशुभ काल (Ashubh Muhurat)
अशुभ काल के दौरान किसी भी प्रकार का नया कार्य, धन का बड़ा लेन-देन या महत्वपूर्ण अनुबंध करने से बचना चाहिए:
- भद्रा (विष्टि): सुबह 08:41 AM से शाम 07:29 PM तक
- यमगण्ड: दोपहर 12:19 PM से 01:54 PM तक
- गुलिक काल: दोपहर 03:28 PM से शाम 05:03 PM तक
प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय (06 सितंबर 2026)
रविवार के दिन राहुकाल मुख्य रूप से शाम के समय रहता है। विभिन्न राज्यों और प्रमुख नगरों में राहुकाल का समय इस प्रकार रहेगा:
राज्यवार राहुकाल समय (06 सितंबर 2026)
रविवार के दिन राहुकाल सामान्यतः शाम के समय पड़ता है। भारत के विभिन्न राज्यों की राजधानियों और प्रमुख क्षेत्रों के अनुसार राहुकाल का सटीक समय नीचे दिया गया है:
| क्रम | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | राजधानी / क्षेत्र | राहुकाल समय (06.09.2026) |
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | शाम 04:48 PM से 06:22 PM |
| 2 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर / जम्मू | शाम 05:08 PM से 06:44 PM |
| 3 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | शाम 04:47 PM से 06:18 PM |
| 4 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | दोपहर 03:55 PM से 05:27 PM |
| 5 | असम | दिसपुर / गुवाहाटी | शाम 04:05 PM से 05:37 PM |
| 6 | बिहार | पटना | शाम 04:31 PM से 06:04 PM |
| 7 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | शाम 04:45 PM से 06:17 PM |
| 8 | गोवा | पणजी | शाम 05:11 PM से 06:42 PM |
| 9 | गुजरात | गांधीनगर | शाम 05:22 PM से 06:54 PM |
| 10 | हरियाणा | चंडीगढ़ | शाम 05:05 PM से 06:39 PM |
| 11 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | शाम 05:04 PM से 06:39 PM |
| 12 | झारखंड | रांची | शाम 04:34 PM से 06:06 PM |
| 13 | कर्नाटक | बेंगलुरु | शाम 04:59 PM से 06:30 PM |
| 14 | केरल | तिरुवनंतपुरम | शाम 05:01 PM से 06:31 PM |
| 15 | मध्य प्रदेश | भोपाल | शाम 05:00 PM से 06:33 PM |
| 16 | महाराष्ट्र | मुंबई | शाम 05:16 PM से 06:48 PM |
| 17 | मणिपुर | इम्फाल | दोपहर 03:56 PM से 05:27 PM |
| 18 | मेघालय | शिलांग | शाम 04:05 PM से 05:36 PM |
| 19 | मिजोरम | आइजोल | दोपहर 03:59 PM से 05:30 PM |
| 20 | नागालैंड | कोहिमा | दोपहर 03:53 PM से 05:24 PM |
| 21 | ओडिशा | भुवनेश्वर | शाम 04:30 PM से 06:01 PM |
| 22 | पंजाब | चंडीगढ़ | शाम 05:05 PM से 06:39 PM |
| 23 | राजस्थान | जयपुर | शाम 05:11 PM से 06:45 PM |
| 24 | सिक्किम | गंगटोक | शाम 04:15 PM से 05:47 PM |
| 25 | तमिलनाडु | चेन्नई | शाम 04:48 PM से 06:19 PM |
| 26 | तेलंगाना | हैदराबाद | शाम 04:52 PM से 06:23 PM |
| 27 | त्रिपुरा | अगरतला | शाम 04:04 PM से 05:35 PM |
| 28 | उत्तराखंड | देहरादून | शाम 05:01 PM से 06:35 PM |
| 29 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | शाम 04:21 PM से 05:53 PM |
🌿 आर्द्रा नक्षत्र एवं सिद्धि योग के विशेष उपाय
आज रविवार के दिन आर्द्रा नक्षत्र और सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक किए गए छोटे-छोटे उपाय जीवन में विशेष सफलता दिलाते हैं:
- व्यापार में उन्नति हेतु: सिद्धि योग के दौरान तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें थोड़ा सा गुड़ और लाल फूल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- करियर और विदेश योग: आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं। नौकरी में आ रही रुकावटों को दूर करने और विदेश यात्रा के योग मजबूत करने के लिए बहते जल में नारियल प्रवाहित करें या पक्षियों को बाजरा डालें।
- आकर्षण व व्यक्तित्व विकास: आज के दिन “ॐ सूर्याय नमः” अथवा राहु के बीज मंत्र का जाप करना फलदायी रहता है।














































