आज 06 सितंबर 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है। आज वैदिक पंचांग के अनुसार ग्रहों की स्थिति, आर्द्रा नक्षत्र के योग तथा आगामी 7 सितंबर से बनने वाले शनि-बुध के समसप्तक योग का प्रभाव मानव जीवन पर गहरा असर डालेगा। आज चंद्रमा और मंगल की मिथुन राशि में युति से ‘लक्ष्मी योग’ बन रहा है, वहीं सूर्य अपनी ही सिंह राशि में बैठकर ‘बुधादित्य योग’ की रचना कर रहे हैं।
नीचे सभी 9 ग्रहों की स्थिति, आर्द्रा नक्षत्र के अचूक उपाय और समसप्तक योग का राशियों पर प्रभाव का विस्तृत विवरण प्रस्तुत है:
ग्रह गोचर एवं नक्षत्र स्थिति (06 सितंबर 2026)
| क्र.सं. | ग्रह का नाम | वर्तमान राशि | वर्तमान नक्षत्र | आगामी राशि परिवर्तन / स्थिति |
| 1 | सूर्य (Sun) | सिंह (Leo) | पूर्वाफाल्गुनी / उत्तराफाल्गुनी | 17 सितंबर 2026 को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 2 | चंद्रमा (Moon) | मिथुन (Gemini) | आर्द्रा (शाम 07:52 तक), फिर पुनर्वसु | 07 सितंबर 2026 को कर्क राशि में गोचर करेंगे। |
| 3 | मंगल (Mars) | मिथुन (Gemini) | मृगशिरा / आर्द्रा | 18 सितंबर 2026 को अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। |
| 4 | बुध (Mercury) | सिंह (Leo) | पूर्वाफाल्गुनी (अस्त अवस्था) | 07 सितंबर 2026 को अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। |
| 5 | बृहस्पति (Jupiter) | कर्क (Cancer) | पुष्य / अश्लेषा (उच्च के गुरु) | वर्ष 2026 में इसी राशि में बने रहेंगे। |
| 6 | शुक्र (Venus) | तुला (Libra) | चित्रा / स्वाति (स्वराशि) | 10 सितंबर 2026 को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 7 | शनि (Saturn) | मीन (Pisces) | उत्तरभाद्रपद (वक्री अवस्था) | वर्तमान में वक्री हैं, वर्ष के अंत तक मीन में रहेंगे। |
| 8 | राहु (Rahu) | कुंभ (Aquarius) | शतभिषा / पूर्वाभाद्रपद | वक्री चाल से कुंभ राशि में स्थित हैं। |
| 9 | केतु (Ketu) | सिंह (Leo) | मघा / पूर्वाफाल्गुनी | वक्री चाल से सिंह राशि में स्थित हैं। |
आर्द्रा नक्षत्र: जीवन की समस्याओं को दूर करने के विशेष उपाय
ज्योतिष शास्त्र में राहु के स्वामित्व वाले आर्द्रा नक्षत्र को विशेष ऊर्जा का कारक माना गया है। आज शाम 07:53 बजे तक रहने वाले आर्द्रा नक्षत्र के दौरान किए जाने वाले प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं:
- दांपत्य जीवन में सुख-शांति हेतु: आर्द्रा नक्षत्र से शुरू करके लगातार 7 दिनों तक रात को सोते समय अपने सिरहाने 2 मूली रखें और सुबह उठकर उन्हें किसी मंदिर में दान करें। वैवाहिक जीवन में प्रगाढ़ता लाने के लिए मंदिर में गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का दान करें।
- व्यापार विस्तार एवं विदेश व्यापार हेतु: हाथ में कच्चा कोयला लेकर बहते जल में प्रवाहित करें और चांदी की एक ठोस गोली अपनी तिजोरी या दुकान के गल्ले में रखें।
- अटके हुए कार्यों में सफलता के लिए: देवी सरस्वती के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर विधिवत पूजा करें। यदि किसी कार्य में बार-बार बाधा आ रही हो, तो घर के मंदिर में छोटी लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती को स्थापित करें, सोलह श्रृंगार चढ़ाएं, सफेद फूल अर्पित करें और खोए की मिठाई का भोग लगाएं।
- आर्थिक समस्या एवं राहु दोष निवारण: सोते समय सिरहाने चंदन का छोटा टुकड़ा रखें और सुबह राहु मंत्र — ‘ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:’ का जाप करते हुए उसे जल में प्रवाहित कर दें।
- मानसिक तनाव से मुक्ति हेतु: चंदन की माला गले में धारण करें और मस्तक पर चंदन का तिलक लगाएं।
- विदेश में नौकरी व सेटलमेंट हेतु: एक कच्चा नारियल और 11 साबुत बादाम काले कपड़े में बांधकर बहते जल में प्रवाहित करें।
- महत्वपूर्ण कार्य में सफलता के लिए: नीले रंग का धागा लेकर निकलें और शीशम के पेड़ पर अपनी मनोकामना बोलते हुए बांध दें।
- राजनीति एवं समाज में प्रभाव हेतु: मंदिर में तिल, गेहूं या इनसे बनी चीज़ों का दान करें।
- आकर्षण एवं शुभता हेतु: घर में चांदी या मिट्टी का हाथी स्थापित करें और पक्षियों को बाजरा डालें।
शनि-बुध समसप्तक योग (7 सितंबर से 26 सितंबर 2026)
7 सितंबर 2026 को बुध ग्रह अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे, जहाँ से मीन राशि में विराजमान वक्री शनि के साथ उनका समसप्तक योग बनेगा। यह योग 26 सितंबर तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान 3 प्रमुख राशियों को विशेष लाभ मिलेगा:
1. मिथुन राशि (Gemini)
बुध आपकी राशि के स्वामी होकर चतुर्थ (सुख) भाव में गोचर करेंगे। समसप्तक योग से पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी। नया घर या वाहन खरीदने के योग बनेंगे। पुराने अटके काम पूरे होंगे और पूर्व में किए गए निवेश से अच्छा मुनाफा प्राप्त होगा। सेहत में सकारात्मक बदलाव दिखेगा।
2. कन्या राशि (Virgo)
बुध आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में उच्च के होकर विराजमान होंगे। यह समय वैवाहिक संबंधों में मधुरता लाएगा और आपसी मनमुटाव दूर होंगे। साझेदारी (Partnership) के व्यापार में बड़ा लाभ होगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति (Promotion) और विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन सफलता मिलेगी।
3. मकर राशि (Capricorn)
आपकी राशि के स्वामी शनि तीसरे (पराक्रम) भाव में हैं और बुध भाग्य भाव में रहेंगे। किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। अप्रत्याशित या गुप्त स्रोतों से आर्थिक लाभ होगा। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जिससे करियर और बिजनेस में सोचे हुए कार्य समय पर पूरे होंगे।













































