आज 10 सितंबर 2026, गुरुवार का दिन वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और हलचल भरा माना जा रहा है। आज के दिन कई प्रमुख ग्रहों के गोचर, नक्षत्र परिवर्तन और त्रिग्रही युति का संयोग बन रहा है, जो सभी 12 राशियों के जीवन को किसी न किसी रूप में प्रभावित करेगा। इस विस्तृत लेख में आज के संपूर्ण ग्रह गोचर, आगामी महत्वपूर्ण परिवर्तनों, चंद्र गोचर से लाभान्वित होने वाली राशियों तथा कन्या राशि में बनने वाले आगामी बुधादित्य राजयोग का विस्तृत विवरण दिया गया है।
ग्रह गोचर एवं नक्षत्र स्थिति विवरण (10.09.2026)
वैदिक पंचांग और खगोलीय गणना के अनुसार, आज 10 सितंबर 2026 को ग्रहों की वर्तमान स्थिति और आगामी गोचर का समय निम्न प्रकार है:
| क्र.सं. | ग्रह का नाम | वर्तमान राशि | वर्तमान नक्षत्र | आगामी राशि परिवर्तन का समय / स्थिति |
| 1. | सूर्य | सिंह राशि | पूर्वाफाल्गुनी (सूर्य का अपना नक्षत्र) | 17 सितंबर 2026 को सुबह 07:58 बजे कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 2. | चंद्रमा | सिंह राशि | मघा (दोपहर 02:04 बजे तक), इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी | 11 सितंबर 2026 को रात 07:08 बजे कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 3. | मंगल | मिथुन राशि | आर्द्रा / पुनर्वसु | 18 सितंबर 2026 को कर्क राशि (नीच राशि) में प्रवेश करेंगे। |
| 4. | बुध | कन्या राशि (उच्च/मूलत्रिकोण) | उत्तराफाल्गुनी | 10 सितंबर 2026 (आज ही) दोपहर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 5. | गुरु (बृहस्पति) | कर्क राशि (उच्च अवस्था) | आश्लेषा नक्षत्र | 31 अक्टूबर 2026 तक कर्क राशि में ही गोचर करेंगे। |
| 6. | शुक्र | तुला राशि (मूलत्रिकोण) | विशाखा | 10 सितंबर 2026 (आज ही) सुबह वृश्चिक राशि में प्रवेश कर चुके हैं। |
| 7. | शनि | मीन राशि | उत्तराभाद्रपद | वर्ष 2026 में राशि परिवर्तन नहीं करेंगे, मीन राशि में ही रहेंगे। |
| 8. | राहु | कुंभ राशि | शतभिषा | 5 दिसंबर 2026 को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 9. | केतु | सिंह राशि | मघा | 5 दिसंबर 2026 को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। |
आज के मुख्य ज्योतिषीय बिंदु
- त्रिग्रही युति (अस्थायी ग्रहण योग): आज सिंह राशि में सूर्य, चंद्रमा और केतु की एक साथ उपस्थिति से त्रिग्रही युति बन रही है। चंद्रमा और केतु के एक साथ होने से कुंडली में अस्थायी रूप से ‘ग्रहण योग’ जैसी स्थिति निर्मित हो रही है, जिससे मानसिक रूप से संभलकर रहने की आवश्यकता है।
- ग्रहों का बड़ा गोचर (Massive Transit): आज ज्योतिषीय दृष्टि से बड़े फेरबदल का दिन है। बुध और शुक्र दोनों ही आज अपनी राशि बदल रहे हैं। इसके साथ ही अरुण ग्रह (यूरेनस) मिथुन राशि में वक्री (Retrograde) गति प्रारंभ कर रहा है।
चंद्रमा का कन्या राशि में गोचर (11 सितंबर): इन 3 राशियों को बड़ा धन लाभ
11 सितंबर 2026 की रात 07 बजकर 08 मिनट पर चंद्रमा सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में गोचर करेंगे। चंद्रमा का यह गोचर निम्नलिखित तीन राशियों के लिए विशेष रूप से भाग्यशाली सिद्ध होने वाला है:
1. वृषभ राशि (Taurus)
चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होगा।
- आर्थिक लाभ: धन प्राप्ति के नए रास्ते खुलेंगे और पुराने किए गए निवेश से बड़ा रिटर्न मिलेगा।
- करियर व शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को शानदार सफलता मिल सकती है।
- व्यापार व नौकरी: नौकरीपेशा लोगों को सीनियर्स की ओर से प्रशंसा मिलेगी। नया कारोबार शुरू करने की सोच रहे जातकों के लिए यह समय बहुत उत्तम है।
2. सिंह राशि (Leo)
चंद्रमा आपकी राशि से द्वितीय (धन व वाणी) भाव में प्रवेश करेंगे।
- आर्थिक लाभ: अचानक और अप्रत्याशित स्रोतों से धन लाभ के योग बनेंगे, जिससे आर्थिक तंगी दूर होगी।
- पैतृक संपत्ति: पैतृक कारोबार में लगे लोगों को बिजनेस विस्तार में सफलता मिलेगी और पैतृक संपत्ति से लाभ होगा।
- पारिवारिक स्थिति: अटके हुए व्यावसायिक सौदे दोबारा शुरू होंगे और संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार प्राप्त होगा।
3. वृश्चिक राशि (Scorpio)
चंद्रमा आपकी राशि से एकादश (लाभ) भाव में गोचर करेंगे।
- आर्थिक लाभ: आमदनी में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी और रुका हुआ या अटका हुआ धन वापस मिलेगा।
- करियर व विदेश यात्रा: यदि आप लंबे समय से विदेश जाने का सपना देख रहे हैं, तो वह पूरा हो सकता है। बेरोजगारों को नई नौकरी की प्राप्ति होगी।
- सामाजिक सहयोग: बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे कार्यक्षेत्र की रुकावटें दूर होंगी।
सूर्य गोचर एवं बुधादित्य राजयोग (17 सितंबर 2026)
17 सितंबर 2026 को सुबह 07 बजकर 52 मिनट पर सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे (कन्या संक्रांति)। कन्या राशि में पहले से बुध की उपस्थिति के कारण सूर्य और बुध की युति से अत्यंत शुभ ‘बुधादित्य राजयोग’ का निर्माण होगा।
संक्रांति और पुण्यकाल समय
- संक्रांति तिथि: 17 सितंबर 2026
- कन्या संक्रांति पुण्यकाल: सुबह 07:55 AM से दोपहर 02:16 PM तक (इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान, दान और पूजा-पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है)।
- स्थिति: सूर्य 17 अक्टूबर 2026 की शाम 07:50 PM तक कन्या राशि में ही रहेंगे, जिसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
बुधादित्य राजयोग से चमकेंगी ये 4 लकी राशियां
ज्योतिष में सूर्य को मान-सम्मान व नेतृत्व और बुध को बुद्धि, व्यापार व वाणी का कारक माना गया है। इस राजयोग से निम्नलिखित चार राशियों को विशेष लाभ होगा:
- कन्या राशि (Virgo): यह राजयोग आपकी ही राशि में बनने जा रहा है। नौकरी में पदोन्नति, कार्यस्थल पर मान-सम्मान और व्यापार में बड़ी डील फाइनल होने की प्रबल संभावना है। सेहत में सुधार होगा।
- सिंह राशि (Leo): आपको अचानक गुप्त या नए स्रोतों से धन लाभ होगा। अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे नौकरी में नई जिम्मेदारियां और वेतन वृद्धि के योग बनेंगे।
- वृश्चिक राशि (Scorpio): रुका हुआ पैसा वापस प्राप्त होगा। व्यापारिक योजनाओं में मनमुताबिक सफलता मिलेगी और निर्णय लेने की क्षमता पहले से अधिक मजबूत होगी।
- कुंभ राशि (Aquarius): मेहनत का पूरा आर्थिक परिणाम मिलेगा। आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलेगा, व्यापारियों को बड़ा मुनाफा होगा और परिवार में समृद्धि बनी रहेगी।













































