चीनी सरकारी मीडिया से प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के पूर्वी बंदरगाह शहर किंगदाओ में एक बड़ा हादसा घटित हुआ है। एक शिपयार्ड में मरम्मत के लिए लाए गए विदेशी झंडे वाले कार्गो जहाज में अचानक भीषण आग भड़क उठी। इस दुर्घटना के परिणामस्वरूप कम से कम 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है जबकि पांच अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11:15 बजे दर्ज की गई। शेडोंग प्रांत के किंगदाओ में हुई इस बड़ी दुर्घटना के बाद से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
बेहाई शिपयार्ड में आग एपी की एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार, कार्गो जहाज में आग लगने की इस घटना ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और 20 जानें चली गईं। इस दुखद घटना के तुरंत बाद चीनी अधिकारियों ने बिना किसी देरी के व्यापक खोज और बचाव अभियान को जमीन पर उतार दिया। शिन्हुआ ने आगे बताया कि शेडोंग प्रांत के किंगदाओ में बेइहाई शिपबिल्डिंग कंपनी लिमिटेड के एक विदेशी कार्गो जहाज में यह हादसा हुआ। जहाज पोर्ट पर मेंटेनेंस के लिए रुका हुआ था और इसी दौरान उसमें अचानक आग लग गई जिससे कई लोगों की मौत हो गई। एजेंसी की शुरुआती रिपोर्टों में आग लगने की सटीक वजह और परिस्थितियों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।
लापता लोगों की तलाश हादसे के तुरंत बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि जहाज के अंदर अभी भी कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं या लापता हो सकते हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने जहाज के कोने-कोने की तलाशी लेनी शुरू कर दी ताकि लापता लोगों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस गंभीर मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए लापता लोगों की तुरंत तलाश करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस दुर्घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने और उन्हें कड़ी सजा देने की ज़रूरत पर विशेष जोर दिया है। राष्ट्रपति के इन कड़े निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ राहत कार्यों में जुट गई हैं।
शी जिनपिंग और ली कियांग के आदेश शिन्हुआ ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। वहीं दूसरी ओर, चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का जोरदार आह्वान किया है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि हादसे में घायल हुए लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा उपचार मिले। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सख्त निर्देश भी दिए हैं कि वे भविष्य में ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाएं। सरकार का मुख्य फोकस इस समय घायलों का इलाज करने और लापता लोगों की तलाश को सुरक्षित तरीके से पूरा करने पर है।
कार्यस्थल सुरक्षा पर सवाल यह भीषण दुर्घटना चीन में हाल के महीनों में लगातार सामने आई कई बड़ी और घातक औद्योगिक दुर्घटनाओं की सूची में जुड़ गई है। इन लगातार हादसों ने एक बार फिर से देश भर में कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंताएं खड़ी कर दी हैं। पिछले साल नवंबर के महीने में हांगकांग में कई टावर ब्लॉकों में भीषण आग लगने से 168 लोगों की मौत हो गई थी। उस बड़ी त्रासदी के बाद चीन की सरकार ने ऊंची इमारतों में आग के खतरों से निपटने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया था। इसके बावजूद कारखानों और शिपयार्ड में सुरक्षा नियमों की अनदेखी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
पिछले हादसों का सिलसिला चीन में हाल के इतिहास में इस तरह की औद्योगिक त्रासदियों का एक लंबा और दर्दनाक सिलसिला लगातार देखने को मिलता रहा है। इसी साल मई के महीने में मध्य चीन में आतिशबाजी बनाने वाली एक फैक्ट्री में एक बहुत बड़ा धमाका हुआ था। उस आतिशबाजी फैक्ट्री ब्लास्ट में लगभग 37 लोगों की जान चली गई थी और भारी मात्रा में संपत्ति का नुकसान हुआ था। इसके अलावा जुलाई के महीने में पूर्वी फ़ुज़ियान प्रांत में जूतों की एक फैक्ट्री के भीतर भी भीषण आग लग गई थी। जूतों की उस फैक्ट्री की आग में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई थी जो सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलती है। किंगदाओ के इस ताजा शिपयार्ड हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को सख्त करने की जरूरत है।












































