आज 11 सितंबर 2026 को आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति में अत्यंत महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आज शाम को चंद्रमा अपनी राशि बदलकर सिंह से कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जहां उनका मिलन उच्च के बुध के साथ होगा। इस खगोलीय स्थिति से जहां एक ओर ‘चंद्र-बुध युति’ का निर्माण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर मिथुन राशि में स्थित मंगल की चतुर्थ दृष्टि भी कई राशियों के जीवन को प्रभावित करेगी। आइए आज के संपूर्ण ग्रह गोचर चार्ट, खगोलीय घटनाओं और विभिन्न राशियों पर इसके विस्तृत प्रभावों का विश्लेषण करते हैं।
1. दैनिक ग्रह गोचर चार्ट (Planetary Positions Chart: 11.09.2026)
वैदिक ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज सभी प्रमुख ग्रहों की वर्तमान स्थिति और उनके आगामी गोचर का विवरण नीचे सारणीबद्ध रूप में प्रस्तुत है:
| ग्रह (Planet) | वर्तमान राशि (Current Sign) | वर्तमान नक्षत्र (Current Nakshatra) | आगामी राशि परिवर्तन का समय व विवरण (Next Sign Transit Details) |
| सूर्य | सिंह राशि | उत्तराफाल्गुनी (प्रथम चरण) | 17 सितंबर 2026 को सिंह से कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। |
| चंद्रमा | सिंह राशि (शाम 07:08 तक), फिर कन्या | पूर्वाफाल्गुनी से उत्तराफाल्गुनी | चंद्रमा सबसे तीव्र गति के ग्रह हैं, जो आज शाम 07:08 बजे कन्या राशि में गोचर कर जाएंगे। |
| मंगल | मिथुन राशि | आर्द्रा / पुनर्वसु | 18 सितंबर 2026 को मिथुन राशि से निकलकर अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। |
| बुध | सिंह राशि | पूर्वाफाल्गुनी / उत्तराफाल्गुनी | वर्तमान में सूर्य-केतु की युति में हैं। यह 26 सितंबर 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। |
| गुरु | कर्क राशि (उच्च के) | पुष्य / अश्लेषा | वर्ष 2026 में अधिकांश समय अपनी उच्च राशि कर्क में ही गोचररत रहेंगे। |
| शुक्र | तुला राशि (स्वराशि) | स्वाति नक्षत्र (रात्रि 11:14 पर प्रवेश) | आज रात्रि 11:14 बजे राहु के स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जहाँ 24 अक्टूबर तक रहेंगे। |
| शनि | मीन राशि (वक्री) | उत्तरभाद्रपद | शनि देव पूरे वर्ष 2026 में मीन राशि में ही वक्री अवस्था में बने रहेंगे। |
| राहु | कुंभ राशि (वक्री) | शतभिषा | राहु 5 दिसंबर 2026 को कुंभ से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। |
| केतु | सिंह राशि (वक्री) | पूर्वाफाल्गुनी / मघा | केतु 5 दिसंबर 2026 को सिंह से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। |
2. आज की मुख्य खगोलीय घटनाएं और योग
- ग्रहण दोष (सिंह राशि में): आज शाम 07:08 बजे तक सिंह राशि में चंद्रमा और केतु की युति के कारण ग्रहण योग का प्रभाव बना रहेगा। इसके पश्चात चंद्रमा के कन्या राशि में चले जाने से इस दोष से राहत मिलेगी।
- शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन: आज रात 11:14 बजे शुक्र ग्रह राहु के स्वामित्व वाले स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिसका असर कला, व्यापार और प्रेम संबंधों पर देखने को मिलेगा।
- चंद्र-बुध युति (कलात्मक योग): शाम को चंद्रमा के कन्या राशि में पहुँचने पर वहाँ पहले से विराजमान बुध के साथ उनकी युति बनेगी, जिससे बौद्धिक क्षमता और रचनात्मक क्षेत्रों में विशेष सफलता के योग बनेंगे।
3. चंद्र-बुध युति से चमकने वाली भाग्यशाली राशियाँ
चंद्रमा और बुध के मिलन से बनने वाला यह शुभ संयोग निम्नलिखित चार राशियों के जातकों के लिए करियर, शिक्षा और कारोबार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा:
- मिथुन राशि: आपकी राशि से चतुर्थ भाव (सुख भाव) में यह युति बनेगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति और आनंद का माहौल रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलेगी। अपनी मधुर वाणी के प्रभाव से आप कार्यक्षेत्र में उच्च पद और मान-सम्मान अर्जित करेंगे।
- सिंह राशि: आपकी राशि के स्वामी सूर्य के ये दोनों मित्र ग्रह आपके द्वितीय भाव (धन और वाणी भाव) को सक्रिय करेंगे। रुका हुआ या फंसा हुआ धन वापस मिलने के प्रबल योग हैं। दफ्तर में उच्च अधिकारियों द्वारा आपके कार्यों की सराहना की जाएगी। विद्यार्थियों की एकाग्रता में वृद्धि होगी।
- कन्या राशि: यह युति आपकी ही राशि में बन रही है, जिससे आपकी बौद्धिक क्षमता और निर्णय लेने की ताकत में गजब का निखार आएगा। सोशल मीडिया, कला और रचनात्मक कार्यों से जुड़े जातकों को बड़ी प्रसिद्धि मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को मनचाहे स्थान पर ट्रांसफर या प्रमोशन का लाभ मिल सकता है।
- वृश्चिक राशि: आपकी कुंडली के एकादश भाव (लाभ भाव) में यह गोचर आर्थिक उन्नति के अनगिनत द्वार खोलेगा। व्यापारिक योजनाएं पूरी तरह सफल रहेंगी। उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को उनके कठिन परिश्रम का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। काम के सिलसिले में विदेश यात्रा के योग भी बन सकते हैं।
4. मंगल की चतुर्थ दृष्टि और जल तत्व की राशियों पर इसका प्रभाव
आज रात चंद्रमा के कन्या राशि में जाते ही मिथुन राशि में बैठे मंगल की चतुर्थ दृष्टि जल तत्व की तीन प्रमुख राशियों (कर्क, वृश्चिक और मीन) पर पड़ेगी। अग्नि तत्व प्रधान मंगल की जल तत्व पर दृष्टि के कारण इन जातकों को 13 सितंबर तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है:
- कर्क राशि: आपकी राशि के स्वामी चंद्रमा पर मंगल की दृष्टि और द्वादश भाव में मंगल की उपस्थिति के कारण आर्थिक मामलों में अत्यधिक सतर्कता बरतें, अन्यथा धन हानि हो सकती है। अनावश्यक चिंताएं और मानसिक तनाव आपको घेर सकते हैं। परिवार के साथ संवाद करते समय अपने गुस्से और क्रोध पर नियंत्रण रखें। किसी भी बड़े निवेश या फैसले से 13 सितंबर तक बचें। नियमित रूप से शिव चालीसा का पाठ करना हितकर रहेगा।
- वृश्चिक राशि: मंगल की दृष्टि के प्रभाव से पारिवारिक व सामाजिक जीवन में वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, अतः अपनी वाणी पर संयम रखें। यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान और दस्तावेजों की सुरक्षा खुद करें। गलत संगति और गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है। हालांकि, कार्यक्षेत्र में कुछ अच्छे परिणाम भी देखने को मिलेंगे। उपाय के तौर पर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- मीन राशि: इस गोचर के परिणामस्वरूप अत्यधिक गुस्सा और चिड़चिड़ापन आपके स्वभाव पर हावी हो सकता है। मन की शांति के लिए योग और ध्यान का सहारा लें। भावनाओं में बहकर या आवेश में आकर कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचें, अन्यथा भविष्य में भारी नुकसान हो सकता है। वैवाहिक जीवन में अपने विचार पार्टनर पर जबरन न थोपें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और नियमित रूप से शिवलिंग पर जल अर्पित करें।












































