भारत समेत दुनियाभर के अनेक देशों में लगातार हो रही भूकंप की घटनाओं ने लोगों के मन में डर बैठा दिया है। भूकंप के कारण बीते कुछ समय में हजारों लोगों की मौत भी बेहद दर्दनाक तरीके से हुई है। अब भारत के पड़ोस में स्थित तिब्बत में भी शुक्रवार को सुबह-सुबह भूकंप के कारण अचानक धरती हिल उठी है। सामने आई ताजा जानकारी के अनुसार, तिब्बत में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई है। ऐसी आपदाएं पूरी दुनिया के भूवैज्ञानिकों और आम जनता के लिए चिंता का एक बड़ा और गंभीर विषय बनती जा रही हैं।
तिब्बत में सुबह-सुबह आया भूकंप नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने शुक्रवार को तिब्बत में आए इस भूकंप के बारे में विस्तृत और पुख्ता जानकारी दी है। संस्थान के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को सुबह ठीक 4 बजकर 2 मिनट पर तिब्बत क्षेत्र में यह भूकंप आया था। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.7 मापी गई है जो कि मध्यम तीव्रता का भूंकप माना जाता है। आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस भूकंप का केंद्र धरती के अंदर से ठीक 30 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। इतनी गहराई पर केंद्र होने के कारण इसके झटकों का दायरा आसपास के इलाकों तक भी फैल सकता है।
पहले के झटकों की याद तिब्बत की इस भौगोलिक पट्टी में भूकंप आने का सिलसिला पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। आपको याद दिला दें कि इससे पहले 8 सितंबर को भी तिब्बत में 5.3 तीव्रता का एक बड़ा भूकंप आ चुका है। उस समय आए उस शक्तिशाली भूकंप के तेज झटके नेपाल देश के विभिन्न हिस्सों में भी बहुत स्पष्ट रूप से महसूस किए गए थे। तिब्बत में लगातार हो रही इन भूगर्भीय हलचल के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां भी इन इलाकों में लगातार आ रहे झटकों को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही हैं।
West Bengal में भी कंपन सिर्फ तिब्बत ही नहीं बल्कि भारत के अपने राज्य में भी शुक्रवार को धरती के डोलने की आधिकारिक पुष्टि की गई है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने बताया है कि शुक्रवार को सुबह 6 बजकर 56 मिनट पर पश्चिम बंगाल में भी भूकंप के झटके लगे हैं। जानकारी के अनुसार, भूकंप की यह घटना राज्य के अलीपुरद्वार क्षेत्र के अंतर्गत दर्ज की गई है। इस भारतीय क्षेत्र में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3 मापी गई है जो अपेक्षाकृत हल्की थी। इस भूकंप का केंद्र धरती की सतह से केवल 9 किलोमीटर की गहराई में बहुत ऊपर स्थित था।
Afghanistan में भी भूचाल शुक्रवार के दिन एशियाई देशों में भूकंप की श्रृंखला जारी रही क्योंकि अफगानिस्तान में भी इसके झटके महसूस किए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अफगानिस्तान में आया यह भूकंप 3.5 की तीव्रता का था जो कि सामान्य श्रेणी में आता है। इस विशेष भूकंप का केंद्र धरती की सतह से लगभग 163 किलोमीटर भीतर गहराई में मौजूद था। इतनी अधिक गहराई में केंद्र होने के कारण यह झटका सतही तौर पर बहुत ज्यादा नुकसानदायक साबित नहीं हुआ। एक ही दिन में कई अलग-अलग देशों में आए इन भूकंपों ने क्षेत्र की टेक्टोनिक प्लेटों में हो रही हलचल को उजागर कर दिया है।
सुरक्षा और सावधानी की जरूरत लगातार आ रहे इन भूकंपों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं का कोई निश्चित समय नहीं होता है। तिब्बत, पश्चिम बंगाल और अफगानिस्तान के आंकड़े यह बताते हैं कि भूगर्भीय ऊर्जा लगातार रिलीज हो रही है। हालांकि इन ताजा झटकों में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है जो कि एक राहत की बड़ी बात है। आम जनता को हमेशा भूकंप सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक रहना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके। ऐसे समय में प्रशासनिक और वैज्ञानिक स्तर पर निगरानी रखने के साथ-साथ नागरिकों का सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।












































