सऊदी अरब के साथ जारी संघर्ष के बीच हूती विद्रोहियों ने एक और बड़ा रणनीतिक क्षेत्र जीत लिया है। हूती विद्रोहियों ने होर्मुज स्ट्रेट के बेहतरीन विकल्प माने जाने वाले मयून द्वीप पर कब्जा जमा लिया है। हूती विद्रोहियों के अलावा यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने भी इस बात की पुष्टि की है। यमन सरकार के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी मीडिया के साथ साझा की है। इस कब्जे से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
यमन की सरकारी सेना पीछे हटी यमन की आधिकारिक सरकार के एक मिलिट्री अफसर ने बताया कि विद्रोही इस द्वीप पर आ चुके हैं। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मयून द्वीप पर कब्जा जमाने में बड़ी सफलता हासिल कर ली है। यमन की सरकारी सेनाएं पिछले गुरुवार को ही मयून द्वीप से पीछे हटने पर मजबूर हो गई थीं। एक हूती अधिकारी ने भी पुष्टि की कि वे उस द्वीप पर मौजूद हैं जिसे पेरिम नाम से भी जानते हैं। यह द्वीप यमन के पश्चिमी तट से करीब 3.5 किलोमीटर की दूरी पर समंदर के बीच स्थित है।
व्यापार के लिए नया संकट Bab el-Mandeb Strait, होर्मुज स्ट्रेट का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और जरूरी विकल्प माना जाता है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट से व्यापार पूरी तरह बाधित हो चुका है। इस रास्ते से पहले दुनिया का लगभग 20 फीसदी ईंधन और तेल सुगमता से सप्लाई किया जाता था। लेकिन अब हूती विद्रोहियों का इस स्ट्रेट पर कब्जा हो जाने से जहाजों की आवाजाही असुरक्षित हो गई है। हूती विद्रोहियों के अनुसार उनका यह कदम सऊदी अरब के जहाजों को सबक सिखाने की रणनीति का हिस्सा है।
द्वीप की सामरिक स्थिति यदि आप नक्शे का अध्ययन करेंगे तो मयून द्वीप यमन के पश्चिमी तट से पश्चिम की ओर दिखाई देगा। यह द्वीप Bab el-Mandeb Strait के विशाल समंदर में तट से साढ़े तीन किलोमीटर दूर स्थित है। वर्तमान खतरे की स्थिति यह है कि इस स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाज आसानी से निशाने पर आ सकते हैं। हूती विद्रोही अब यहां से गुजरने वाले हर पोत पर पहले से कहीं अधिक आक्रामक तरीके से नजर रख सकेंगे। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति के लिए एक बड़ा झटका है।
ग्लोबल ट्रेड का चोकपॉइंट बता दें कि अरब प्रायद्वीप के दक्षिणी सिरे पर स्थित यह जलमार्ग लाल सागर को जोड़ता है। यह चोकपॉइंट अरब की खाड़ी से लाल सागर को जोड़ने का एकमात्र प्रमुख और संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया का लगभग 12 प्रतिशत कुल व्यापार इसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील मार्ग के माध्यम से होता है। इसमें कुल ग्लोबल कंटेनर ट्रैफिक का 25 प्रतिशत हिस्सा भी शामिल है जो यहीं से गुजरता है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से यह क्षेत्र दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्गों में गिना जाता है।
बढ़ती हुई सामरिक चुनौती यह नया संकट इसलिए और गहरा गया है क्योंकि जुलाई महीने में हालात काफी अलग थे। जुलाई में यमन के तट का जो हिस्सा इस स्ट्रेट के पास था, वह हूती नियंत्रण से कोसों दूर था। उस दौरान हूती विद्रोही Bab el-Mandeb से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद थे। लेकिन अब मयून आईलैंड पर कब्जा होने के कारण उनकी सामरिक स्थिति बेहद मजबूत हो गई है। वे अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से निकलने वाले हर एक जहाज की गतिविधि पर सीधी नजर रख रहे हैं।













































