
विकसित भारत के निर्माण में युवा निभाएं सक्रिय भूमिका : कुलपति डीबीआरएयू
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युवाओं की भागीदारी से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प : प्रो. आशु रानी
आगरा।डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (डीबीआरएयू) की कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि भारत के विकास और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 में अधिक से अधिक संख्या में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, नवाचार, विचारशीलता और नेतृत्व क्षमता भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
कुलपति ने ये विचार आगरा में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ के तत्वावधान में “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027” के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम में व्यक्त किए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को युवा सहभागिता, नेतृत्व क्षमता तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना रहा।
कुलपति ने बताया कि विकसित भारत क्विज के माध्यम से इस अभियान के प्रथम चरण की शुरुआत की गई है, जिसका आयोजन 17 अगस्त से 30 सितंबर तक किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से क्विज में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने तथा आगे की गतिविधियों के लिए स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखने, नवाचार प्रस्तुत करने तथा नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराता है। इसके अंतर्गत क्विज, निबंध लेखन, पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT), व्यक्तिगत संवाद (PI) सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। चयनित प्रतिभागियों को भारत मंडपम, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ संवाद करने का अवसर भी प्राप्त हो सकता है।
प्रो. आशु रानी ने विद्यार्थियों से जिम्मेदार एवं सक्रिय नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में ऐसा नेतृत्व विकसित किया जाना चाहिए जो न केवल देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारत की क्षमता, संस्कृति और उपलब्धियों का प्रभावी प्रतिनिधित्व कर सके। उन्होंने 17 सितंबर के महत्व का उल्लेख करते हुए युवाओं को राष्ट्रहित से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कुलपति ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों से कहा कि वे विद्यार्थियों को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराएं और उन्हें प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी 16 विभिन्न युवा-केंद्रित कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। इनमें यूथ लिटरेचर से संबंधित गतिविधियां तथा युवा संवाद (YUVA Samvaad) प्रमुख हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे प्रतियोगिता एवं अन्य युवा-केंद्रित गतिविधियों से संबंधित सही और प्रमाणिक जानकारी के लिए सरकारी पोर्टल तथा My Bharat जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वहीं से पंजीकरण एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।
प्रो. आशु रानी ने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से *‘सेवा संकल्प अभियान’* के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर सेवा, नवाचार और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना को और अधिक सशक्त किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य मा0 प्रधानमंत्री जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की जनसेवा एवं जनकल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है।
अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दिया’, 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति’, तथा 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘रंगोली राष्ट्र (घर से राष्ट्र तक)’ और ‘नमो सेवा गाथा’ (नुक्कड़ नाट्य मंचन) जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. पूनम तिवारी के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कुलपति प्रो. आशु रानी सहित उपस्थित गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. आलोक कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, पंजीकरण प्रक्रिया तथा विद्यार्थियों की सहभागिता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर प्रो. रामवीर चौहान ने कुलपति को एनएसएस की विभिन्न गतिविधियों एवं विश्वविद्यालय में किए जा रहे विकास कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने “NSS = SEVA” की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों से समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस युवाओं में सेवा, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में अधिक से अधिक भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए 10 से 12 जनवरी के प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी दी, जिसमें चयनित विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री के साथ संवाद का अवसर मिल सकता है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय एवं विभिन्न महाविद्यालयों के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम अधिकारियों ने विद्यार्थियों को यंग लीडर्स डायलॉग के माध्यम से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने, अपनी नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा विकसित भारत के संकल्प में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी, युवा सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के प्रति उत्साह एवं जागरूकता उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने विकसित भारत के संकल्प में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का उत्साह व्यक्त किया।







































