संवाददाता जयदीश श्रीवास्तव खरी कसौटी
नानपारा बहराइच। अंग्रेजी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए डॉ. ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। इस उपलब्धि पर नई दिल्ली स्थित मेपल गोल्ड बैंक्वेट हॉल में आयोजित एक सम्मान समारोह में उन्हें ऑनरेरी डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने अंग्रेजी वर्णमाला के सभी अक्षरों में दर्शन छिपे होने पर शोध किया और “द एसेन्स ऑफ ए टू जेड” पुस्तक लिखी है जो युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। अंग्रेजी साहित्य के क्षेत्र में उनकी इस उपलब्धि को उपस्थित लोगों ने गौरवपूर्ण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि वह इन दिनों अंग्रेजी उपन्यास “द येल्लो पेटल्स” और सॉनेट संग्रह “एन अनफिनिश्ड स्टोरी” लिख रहे हैं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिजनों व साथियों को दिया है। डॉ. श्रीवास्तव पेशे से विधिक सेवा प्राधिकरण नानपारा बहराइच के पैनल अधिवक्ता हैं उनके पिता स्व० राम मनोहर श्रीवास्तव भी प्रतिष्ठित अधिवक्ता व हिन्दी भाषी कवि थे। पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद लखनऊ में भी डॉ. ध्यान प्रकाश श्रीवास्तव का सम्मान किया गया। एस.पी. इंटरनेशनल होटल, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सेवापृथ फाउंडेशन की ओर से उन्हें “परम श्री एक्सीलेंस अवार्ड” प्रदान कर सम्मानित किया गया।।










































