एक ही टिकट खिड़की खुलने से मची अफरातफरी, सैकड़ों यात्रियों को नहीं मिला टिकट,स्टेशन मास्टर के तानाशाही रवैए से सरकार का होता है लाखों रुपए का नुकसान
अब्दुल कादिर खान/इरशाद हुसैन

रूपईडीहा, बहराइच। भारत-नेपाल सीमा से सटे रूपईडीहा के नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन टिकट काउंटर पर यात्रियों की भीड़ जुटती है, लेकिन पर्याप्त टिकट खिड़कियां नहीं खुलने के कारण सैकड़ों यात्रियों को समय से टिकट नहीं मिल पाता। ट्रेन छूटने के समय यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने की मजबूरी का सामना करना पड़ता है। इससे रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।31 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नवनिर्मित नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया गया था। इसके बावजूद स्टेशन पर यात्रियों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होने तथा टिकट काउंटर पर भीड़ नियंत्रण के उचित इंतजाम नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी है।*सैकड़ों लोगों की भीड़ के बावजूद एक ही टिकट खिड़की खुली*गुरुवार को स्टेशन पर टिकट लेने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ जुटी। इसके बावजूद केवल एक टिकट खिड़की खुली होने से यात्रियों को टिकट के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई यात्री एक-दूसरे पर चढ़कर टिकट लेने का प्रयास करते नजर आए। भीड़ अधिक होने के बावजूद दूसरी टिकट खिड़की नहीं खोले जाने से सैकड़ों यात्रियों को टिकट नहीं मिल सका।*महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी*टिकट काउंटर पर प्रतिदिन लगने वाली भीड़ के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य आम यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन के प्रस्थान का समय नजदीक आने पर भी टिकट नहीं मिल पाता। ऐसे में कई लोग मजबूरी में बिना टिकट ट्रेन में सवार हो जाते हैं।*रेलवे को राजस्व नुकसान का आरोप*यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन प्रबंधन द्वारा भीड़ के अनुरूप टिकट खिड़कियां नहीं खोली जाती हैं। इससे यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता और रेलवे को संभावित राजस्व का नुकसान होता है। यात्रियों ने कहा कि यदि भीड़ के समय दोनों टिकट खिड़कियां खोलकर टिकट वितरण किया जाए तो यात्रियों को राहत मिल सकती है और रेलवे का राजस्व भी बढ़ सकता है।*स्टेशन मास्टर के रवैये पर उठे सवाल*यात्रियों ने स्टेशन मास्टर के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। आरोप है कि यात्रियों की समस्याओं के प्रति स्टेशन प्रबंधन का रवैया उचित नहीं है।जब यात्री इसकी शिकायत स्टेशन मास्टर से करने गए तो उन्होंने यात्रियों को धक्का देकर बाहर कर दिया और कहा कि तुम अंदर कैसे आए।यात्रियों ने बताया कि स्टेशन मास्टर का तानाशाही रवैया था। यात्रियों ने रेलवे के उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने,टिकट व्यवस्था दुरुस्त कराने, भीड़ के समय अतिरिक्त टिकट खिड़की खोलने तथा स्टेशन पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था कराने की मांग की है।







































