तेंदुए की दहशत के बीच हाथियों ने संभाला मोर्चा, सुजौली में जयमाला-चंपाकली से गश्त ईदगाह पुरवा और कस्तूरबा विद्यालय के आसपास वन विभाग की निगरानी तेज, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
अब्दुल कादिर खान/मोहम्मद रफीक

मिहीपुरवा बहराइच/सुजौली। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सुजौली रेंज क्षेत्र में तेंदुए की लगातार बढ़ रही गतिविधियों के बीच वन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और गश्त तेज कर दी है। रविवार को तेंदुआ प्रभावित इलाकों में पालतू हाथियों जयमाला और चंपाकली के साथ वन विभाग तथा एसटीपीएफ के जवानों ने गश्त की। हाथियों के साथ हुई इस गश्त से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वन विभाग की सक्रियता नजर आई।वन विभाग की टीम ने सुजौली के ईदगाह पुरवा और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के आसपास हाथियों के जरिए निगरानी की। तेंदुए के आबादी क्षेत्र में लगातार दिखाई देने और ग्रामीणों पर हमले की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ऐसे में हाथियों के साथ गश्त कर वन विभाग ने तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने का प्रयास किया।गश्त के दौरान वन विभाग और सुरक्षा कर्मियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी। ग्रामीणों से कहा गया कि वे अकेले खेतों और जंगल की ओर न जाएं, विशेषकर सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। किसी भी स्थान पर तेंदुआ दिखाई देने या उसकी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई।हाथियों जयमाला और चंपाकली को गांव के आसपास गश्त करते देख बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की दहशत के बीच हाथियों के साथ वन विभाग की गश्त से उन्हें सुरक्षा का अहसास हुआ है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि लगातार निगरानी से तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।गश्त के दौरान वन दरोगा अनिल कुमार, रामनरेश, वनरक्षक अजय सिंह समेत वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं क्षेत्रीय ग्रामीण नरेश, मिस्टर, मोबिन, रफीक, अंजनी, श्यामकरण और चंदन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।








































