169 करोड़ रुपये की लागत से बने डेटा सेंटर और प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। इन दोनों सुविधाओं के निर्माण पर 169 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को अधिक सुरक्षित वित्तीय प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि विकास सरकार की प्राथमिकता है। नए डेटा सेंटर से वित्तीय क्षेत्र के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जबकि साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्देश्य डिजिटल खतरों से निपटने की क्षमताओं को मजबूत करना है। वित्तीय सेवाओं में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर सुरक्षा की जरूरत भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में आरबीआई की नई सुविधाएं वित्तीय व्यवस्था को सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं। उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश में विकास की दिशा और उसके लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने की जरूरत पर भी विस्तार से बात की।
बड़े शहरों तक सीमित सुविधाओं के कारण दूरदराज के लोगों को हुई परेशानी: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद देश में बड़े शहरों में अस्पतालों, संस्थानों और हवाई अड्डों जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हुआ, लेकिन देश का एक बड़ा हिस्सा बुनियादी सुविधाओं के लिए इंतजार करता रहा। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में बेहतर इलाज उपलब्ध होने के बावजूद छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इसी तरह, हवाई यात्रा की सुविधा महानगरों में विकसित हुई, लेकिन छोटे शहरों को हवाई संपर्क से जोड़ने पर उतना ध्यान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस स्थिति से स्पष्ट होता है कि विकास के अवसर और सुविधाएं सभी क्षेत्रों तक समान रूप से नहीं पहुंच पाई थीं। उन्होंने इस असंतुलन को दूर करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि विकास का लाभ हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए। सरकार का प्रयास इसी पुरानी व्यवस्था में बदलाव लाना और देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
गांवों की बुनियादी जरूरतों और रेलवे स्टेशनों की सुविधाओं पर भी दिया ध्यान: प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अनेक गांवों में सड़क, बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता भी लंबे समय तक चुनौती बनी रही। दूसरी ओर, रेलवे स्टेशन आम नागरिक की यात्रा का अहम हिस्सा होने के बावजूद आधुनिक सुविधाओं से वंचित थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कमियों के कारण विकास की प्रक्रिया का लाभ देश के सभी क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचाना कठिन रहा। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने विकास को लेकर इस सोच में बदलाव लाने का प्रयास किया है। अब जोर इस बात पर है कि बुनियादी सुविधाएं केवल बड़े शहरों में केंद्रित न रहें, बल्कि गांवों, छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों तक भी पहुंचें। उन्होंने संतुलित विकास को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश की प्रगति तभी व्यापक मानी जाएगी, जब आम नागरिक को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिले और उसे जरूरी सेवाओं के लिए अपने क्षेत्र से दूर जाने को मजबूर न होना पड़े।
जनहितकारी शासन के जरिए हर नागरिक को अवसर देने का लक्ष्य: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार जनहित, सक्रिय प्रशासन और सुशासन के दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास का मतलब भारत के सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास है, जिसमें गांवों और छोटे शहरों को भी आगे बढ़ने के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि दूरदराज के इलाकों तक बेहतर संपर्क व्यवस्था पहुंचाना, गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन के लिए जरूरी सुविधाएं देना और प्रत्येक नागरिक को यह भरोसा दिलाना सरकार के लक्ष्य में शामिल है कि विकास के सफर में कोई पीछे नहीं छूटेगा। प्रधानमंत्री के मुताबिक, विकास को कुछ बड़े शहरों या चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक स्तर पर आम लोगों के जीवन से जोड़ना आवश्यक है। इस नीति के तहत परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे का विस्तार महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों तक पहुंचना चाहिए।
छोटे शहरों तक एक्सप्रेसवे और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार: प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में अब एक्सप्रेसवे छोटे शहरों को भी जोड़ रहे हैं और चिकित्सा सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जैसे संस्थानों का विस्तार अनेक राज्यों में हुआ है, जबकि छोटे शहरों में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि गांवों में करीब पौने दो लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। इन पहलों के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं और संपर्क सुविधाओं को अधिक व्यापक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री के अनुसार, गांवों और छोटे शहरों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना संतुलित प्रगति के लिए जरूरी है। परिवहन नेटवर्क के विस्तार और चिकित्सा संस्थानों की उपलब्धता बढ़ने से उन क्षेत्रों तक भी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जहां पहले लोगों को जरूरी सेवाओं के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। उनका संबोधन इस विचार पर केंद्रित रहा कि विकास की योजनाओं का प्रभाव देश के प्रत्येक क्षेत्र और नागरिक तक पहुंचना चाहिए।
वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के बाद भुवनेश्वर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में आरबीआई की परियोजना का उद्घाटन करने से पहले वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो देखा। वह इस कार्यक्रम के दौरान नमो घाट पर मौजूद रहे, जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित थे। वाराणसी के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री भुवनेश्वर पहुंचे और भारतीय रिजर्व बैंक के डेटा सेंटर तथा साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। भुवनेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में डिजिटल बुनियादी ढांचे, साइबर सुरक्षा और सुरक्षित वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। वहीं, प्रधानमंत्री के संबोधन का बड़ा हिस्सा विकास का लाभ गांवों, छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करके प्रत्येक नागरिक को विकास की प्रक्रिया से जोड़ना है। इस तरह दिन के दोनों कार्यक्रमों में आधुनिक व्यवस्था और देश के व्यापक विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।















































