उत्तर प्रदेश में महर्षि वाल्मीकि जयंती के मौके पर सोमवार, 26 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। योगी सरकार की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, इस दिन सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में छुट्टी रहेगी, लेकिन बैंक खुले रहेंगे। आदेश सामान्य प्रशासन अनुभाग ने जारी किया है और संबंधित विभागों को इसके अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश के साथ प्रदेशभर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। सभी 75 जिलों में होने वाले इन आयोजनों में मंदिरों और रामायण से जुड़े प्रमुख स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके अलावा रामायण पाठ, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
महापुरुषों की जयंती पर छुट्टियां समाप्त करने के बाद बदला गया था फैसला: वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश सरकार ने महापुरुषों की जयंती पर मिलने वाली 15 सार्वजनिक छुट्टियां रद्द कर दी थीं। महर्षि वाल्मीकि जयंती का अवकाश भी इसी फैसले के दायरे में आया था। उस समय सरकार का तर्क था कि छुट्टी के बजाय स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए, ताकि महापुरुषों के जीवन और उनके विचारों के बारे में लोगों को जानकारी मिल सके। हालांकि, वाल्मीकि समाज और दूसरे संगठनों ने जयंती पर सार्वजनिक छुट्टी बहाल करने की मांग की। इन मांगों के बाद सरकार ने अपना निर्णय बदल दिया और महर्षि वाल्मीकि जयंती पर अवकाश फिर से शुरू कर दिया गया। पिछले साल भी जयंती के अवसर पर छुट्टी घोषित की गई थी। इस वर्ष जारी आदेश के बाद सोमवार को प्रदेश के सरकारी कार्यालय और स्कूल बंद रहेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बिठूर स्थित आश्रम में धार्मिक कार्यक्रम: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महर्षि वाल्मीकि जयंती पर कानपुर के बिठूर पहुंचेंगे। यहां वह महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना करेंगे और रामायण पाठ में शामिल होंगे। बिठूर का यह आश्रम धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि महर्षि वाल्मीकि ने इसी स्थान पर रामायण की रचना की थी। इसके अलावा यह विश्वास भी प्रचलित है कि माता सीता ने यहां आश्रय लिया था और लव-कुश का जन्म भी इसी स्थान पर हुआ था। इन धार्मिक मान्यताओं के कारण बिठूर का वाल्मीकि आश्रम रामायण से जुड़े प्रमुख स्थलों में गिना जाता है। जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री की पूजा-अर्चना और रामायण पाठ में भागीदारी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होगी।
दीप प्रज्ज्वलन से रामायण पाठ तक होंगे कई तरह के आयोजन: महर्षि वाल्मीकि जयंती पर प्रदेश के सभी जिलों में अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मंदिरों तथा रामायण से संबंधित प्रमुख स्थलों पर दीप जलाने की व्यवस्था रहेगी। रामायण पाठ और भजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इन आयोजनों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनकी रचनात्मक विरासत और रामायण परंपरा से जुड़े महत्व को सामने रखा जाएगा। प्रदेश के 75 जिलों में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी के बीच बिठूर का वाल्मीकि आश्रम भी विशेष रूप से चर्चा में रहेगा, क्योंकि मुख्यमंत्री यहां स्वयं पूजा-पाठ में शामिल होंगे। जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित होने के बावजूद धार्मिक आयोजन अपने निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार होंगे और प्रदेशभर में महर्षि वाल्मीकि की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शासनादेश में अवकाश के कानूनी प्रावधान का भी उल्लेख: सार्वजनिक छुट्टी का आदेश सामान्य प्रशासन अनुभाग की ओर से जारी किया गया है। इस पर प्रमुख सचिव एस.वी.एस. रंगा राव ने हस्ताक्षर किए हैं। आदेश की प्रतिलिपि राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रयागराज स्थित निबंधक और संबंधित विभागों तथा अधिकारियों को भेजी गई है। शासनादेश में साफ किया गया है कि यह अवकाश परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 के तहत घोषित छुट्टी नहीं होगा। संबंधित अधिकारियों और विभागों को आदेश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। इस प्रावधान से यह स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक अवकाश की घोषणा किस प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत की गई है। छुट्टी के दिन सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में कामकाज बंद रहेगा, जबकि बैंक खुले रहेंगे।
महानवमी, रामनवमी और मकर संक्रांति पर भी सरकार ने घोषित की थी छुट्टी: योगी सरकार ने इससे पहले भी प्रमुख धार्मिक अवसरों पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महानवमी के अवसर पर 19 अक्टूबर को छुट्टी घोषित की थी। इससे पहले रामनवमी पर लगातार दो दिन सार्वजनिक अवकाश रखा गया था, जबकि मकर संक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी को भी छुट्टी घोषित की गई थी। अब महर्षि वाल्मीकि जयंती पर 26 अक्टूबर का अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में छुट्टी रहेगी, लेकिन बैंक खुले रहेंगे। प्रदेश के सभी 75 जिलों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि मुख्यमंत्री कानपुर के बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम में पूजा और रामायण पाठ में शामिल होंगे। इस तरह जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और प्रदेशव्यापी आयोजन, दोनों की व्यवस्था की गई है।















































