उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन प्रस्तावों का संबंध सड़क परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक निवेश, साइबर सुरक्षा, तकनीकी विकास और शहरी सुविधाओं से है। बैठक में चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन के साथ मैनपुरी में सैनिक स्कूल के लिए भूमि उपलब्ध कराने और शिक्षा विभागों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के फैसले लिए गए। इसके अलावा साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र और प्रगति रोबोटिक्स पार्क की स्थापना को भी स्वीकृति मिली। औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, वस्त्र पार्क विकसित करने और विभिन्न सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करने से संबंधित प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे। इन फैसलों के जरिए सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने से जुड़े कई क्षेत्रों पर एक साथ ध्यान केंद्रित किया है।
सड़क नेटवर्क के विस्तार के लिए चार परियोजनाएं: उत्तर प्रदेश में बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी दी है। स्वीकृत परियोजनाओं में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को प्रमुख सड़क मार्गों से जोड़ने की योजना को आगे बढ़ाना है। विकासकर्ताओं के चयन से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद परियोजनाओं की अगली प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आधार तैयार हुआ है। बेहतर संपर्क व्यवस्था से लोगों की आवाजाही और माल परिवहन को सुविधाजनक बनाने के साथ प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा: कैबिनेट ने मैनपुरी में सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह निर्णय सैनिक स्कूल के लिए भूमि उपलब्ध कराने से संबंधित है। बैठक में माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च की व्यवस्था करने में राहत देने का उद्देश्य है। इन फैसलों में शिक्षा से जुड़ी संस्थागत आवश्यकताओं और कर्मचारियों के कल्याण, दोनों को महत्व दिया गया है। सैनिक स्कूल के लिए भूमि हस्तांतरण और कैशलेस उपचार की सुविधा से जुड़े प्रस्ताव शिक्षा क्षेत्र के अलग-अलग पहलुओं को संबोधित करते हैं।
तकनीकी क्षेत्र में साइबर सुरक्षा और रोबोटिक्स पर ध्यान: प्रदेश में डिजिटल सुरक्षा और उन्नत तकनीक से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस केंद्र से जुड़ी पहल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के सी थ्री आई हब के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी। इसी बैठक में प्रगति रोबोटिक्स पार्क की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई। साइबर सुरक्षा से संबंधित केंद्र डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा, जबकि रोबोटिक्स पार्क आधुनिक तकनीक से जुड़ी गतिविधियों के विकास के लिए प्रस्तावित है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार तकनीकी क्षेत्र में नई क्षमताओं को प्रोत्साहित करने और प्रदेश में उन्नत तकनीक आधारित विकास के लिए सुविधाएं तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
विदेशी निवेश और मेगा वस्त्र पार्क को हरी झंडी: औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कैबिनेट ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और वैश्विक कंपनियों से संबंधित निवेश प्रस्तावों पर सशक्त समिति के फैसलों को मंजूरी दी है। उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को स्वीकृति देने का प्रस्ताव भी बैठक में शामिल रहा। इसके साथ ही लखनऊ और हरदोई में एक हजार एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले प्रधानमंत्री मित्र मेगा वस्त्र पार्क के लिए मुख्य विकासकर्ता के चयन को मंजूरी दी गई। यह परियोजना वस्त्र उद्योग से संबंधित औद्योगिक सुविधाओं के विकास से जुड़ी है। निवेश और उद्योग से जुड़े इन निर्णयों में विदेशी पूंजी आकर्षित करने, वैश्विक कंपनियों की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और बड़े औद्योगिक परिसर के विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
प्रयागराज के आवासों से जल और भंडारण परियोजनाओं तक मंजूरी: कैबिनेट ने प्रयागराज में उच्च न्यायालय के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने के प्रस्ताव को वित्तीय मंजूरी दी है। इसी शहर में सभागार और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। झांसी और ललितपुर में भंडारगृह बनाने के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का फैसला भी लिया गया। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 के प्रख्यापन और राज्य पशुधन मिशन से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। लखनऊ तथा वाराणसी में मलजल निकासी और पेयजल से संबंधित सात परियोजनाओं के व्यय प्रस्तावों को मंजूरी देने की तैयारी का भी उल्लेख है। इन फैसलों में आवास निर्माण, कामकाजी महिलाओं के लिए सुविधाएं, भंडारण क्षमता, अंतर्देशीय जल परिवहन, पशुधन और शहरी जल सेवाओं से जुड़े विषय शामिल हैं।
















































