भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और शुरुआती सत्र में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में पहुंच गए। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 667.12 अंक यानी 0.91 प्रतिशत टूटकर 72,931.55 के स्तर पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 158.65 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,591.10 के स्तर से नीचे आ गया। शुरुआती कारोबार में बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। इस दौरान 1,028 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,253 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए और 165 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। बाजार में इस कमजोरी के बीच निवेशकों का ध्यान एक ओर प्रमुख कंपनियों के शेयरों में जारी बिकवाली पर रहा, तो दूसरी ओर मुकेश अंबानी की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स की शानदार शेयर बाजार लिस्टिंग ने भी सुर्खियां बटोरीं। जहां व्यापक बाजार दबाव में दिखाई दिया, वहीं जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों ने निर्गम मूल्य से 21 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम पर शुरुआत करके निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया।
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट, ऑटो क्षेत्र ने दिखाई मजबूती: शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक दबाव सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों पर देखने को मिला। निफ्टी आईटी सूचकांक 3.37 प्रतिशत गिरकर 31,103.60 के स्तर पर आ गया। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1.47 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 1.43 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी 0.75 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.67 प्रतिशत, निफ्टी बैंक 0.49 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.49 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, बाजार में व्यापक बिकवाली के बावजूद निफ्टी ऑटो सूचकांक 0.24 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बना रहा। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। इंफोसिस का शेयर 4.13 प्रतिशत टूटकर निफ्टी 50 के प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहा। टेक महिंद्रा में 3.25 प्रतिशत, एचसीएल टेक में 3.29 प्रतिशत और टीसीएस में 3.06 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मैक्स हेल्थकेयर का शेयर 1.04 प्रतिशत नीचे रहा। दूसरी ओर, कुछ शेयरों में खरीदारी जारी रही। एलएंडटी का शेयर 4.47 प्रतिशत उछलकर 3,828.80 रुपये पर पहुंचा और प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा। बजाज ऑटो में 2.98 प्रतिशत, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में 1.64 प्रतिशत और मारुति सुजुकी तथा हिंडाल्को में 0.36 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
Jio Platforms की 21.36 प्रतिशत प्रीमियम पर लिस्टिंग, 1,358 रुपये पर खुला शेयर: मुकेश अंबानी की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार को शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई, दोनों पर 1,358 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुए, जबकि इसके सार्वजनिक निर्गम का मूल्य 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। इस तरह शेयरों की लिस्टिंग निर्गम मूल्य से 21.36 प्रतिशत अधिक पर हुई। आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को कारोबार शुरू होते ही अच्छा लिस्टिंग लाभ मिला। शुरुआती कारोबार के दौरान कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 12.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके बाद बीएसई पर शेयर करीब 1,357.45 रुपये और एनएसई पर लगभग 1,358.10 रुपये के आसपास कारोबार करते दिखाई दिए। जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग पर निवेशकों की पहले से नजर थी, क्योंकि कंपनी के आईपीओ को भारी मांग मिली थी। शेयर बाजार में इस मजबूत शुरुआत के बाद कंपनी ने बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारती एयरटेल को पीछे छोड़ दिया और देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई। इस उपलब्धि के साथ घरेलू बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स से आगे केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज रही।
बाजार पूंजीकरण में भारती एयरटेल को पछाड़ा, रिलायंस समूह की संयुक्त वैल्यू 28.40 लाख करोड़ रुपये: जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज लगभग 15.89 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ पहले स्थान पर रही। जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण करीब 12.50 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिससे वह दूसरे स्थान पर पहुंच गई। वहीं, भारती एयरटेल लगभग 12.05 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ तीसरे स्थान पर रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक लगभग 10.42 लाख करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक करीब 9.80 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ देश की शीर्ष पांच मूल्यवान कंपनियों में शामिल रहे। जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में मजबूत शुरुआत का असर रिलायंस समूह की संयुक्त बाजार वैल्यू में भी दिखाई दिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स का संयुक्त बाजार पूंजीकरण लगभग 28.40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस तरह जियो की लिस्टिंग ने न केवल आईपीओ निवेशकों को शुरुआती लाभ दिया, बल्कि देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों के बीच उसकी स्थिति को भी मजबूत किया।
30,213 करोड़ रुपये के आईपीओ को मिला 22.19 गुना अभिदान, निवेशकों ने लगाई भारी बोलियां: जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निर्गम निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा। यह पूरी तरह नए शेयर जारी करने वाला निर्गम था, जिसके तहत कंपनी ने 27 करोड़ शेयर पेश किए थे। आईपीओ के लिए प्रति शेयर मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया गया था। निर्गम को कुल मिलाकर उपलब्ध शेयरों की तुलना में 22.19 गुना बोलियां मिलीं। सार्वजनिक निर्गम और एंकर निवेशकों की मांग को मिलाकर कुल बोली राशि 7.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही। आवेदन करने वाले निवेशकों की संख्या लगभग 1.39 करोड़ तक पहुंच गई। आईपीओ की मांग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह 21 अक्टूबर को खुला था और पहले ही दिन खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर पूरी तरह अभिदान प्राप्त कर चुका था। इस तेज प्रतिक्रिया के कारण इसे देश के बड़े आईपीओ में सबसे तेजी से अभिदान पाने वाले निर्गमों में शामिल किया गया। आईपीओ से पहले 19 अक्टूबर को कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से लगभग 8,110 करोड़ रुपये जुटाए थे। इतनी बड़ी मांग और मजबूत लिस्टिंग ने जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बाजार में प्रवेश को खास बना दिया।
आगे बाजार की दिशा पर तिमाही नतीजों और संस्थागत निवेशकों के रुख की नजर: घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती गिरावट के बीच निवेशकों की निगाहें अब कारोबार के आगे के रुझान, कंपनियों के तिमाही नतीजों और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर रहेंगी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों के रुख से भी बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है। वैश्विक स्तर से सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद आईटी और दूसरी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली ने घरेलू निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। दूसरी ओर, जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत लिस्टिंग ने आईपीओ बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी और कंपनी के प्रति मांग को उजागर किया है। कंपनी में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अब निवेशकों की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स के आगे के कारोबार, शेयर की कीमत में होने वाले उतार-चढ़ाव और बाजार पूंजीकरण में उसकी स्थिति पर रहेगी। कुल मिलाकर, बुधवार के शुरुआती कारोबार में एक ओर सेंसेक्स और निफ्टी पर गिरावट का दबाव दिखाई दिया, तो दूसरी ओर जियो प्लेटफॉर्म्स ने मजबूत लिस्टिंग के दम पर बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई। आने वाले सत्रों में बाजार की चाल और प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन से निवेशकों की दिशा तय होने की उम्मीद रहेगी।
















































