फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को संयुक्त अरब अमीरात ने असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए ‘ऑर्डर ऑफ जायेद द्वितीय, प्रथम श्रेणी’ से सम्मानित किया है। कैप्टन स्मित ने 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में पैदा हुए जानलेवा संकट के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा के लिए निर्णायक भूमिका निभाई थी। विमान में 174 लोग सवार थे और अचानक हुए हमले के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए थे। ऐसे समय में कैप्टन ने दर्द और चोट के बावजूद धैर्य बनाए रखा। सम्मान समारोह में जब वह घायल हाथ पर ब्रेस पहने अपने चालक दल के साथ पहुंचे, तो उनकी बहादुरी और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण को विशेष रूप से सराहा गया। यह सम्मान विमान में सवार लोगों की जान बचाने के उनके प्रयासों की औपचारिक मान्यता है।
UAE के राष्ट्रपति और दुबई के शासक रहे मौजूद: संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने समारोह में कैप्टन स्मित मच्छार को गले लगाकर सम्मानित किया। इस मौके पर दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के साथ दोनों अमीरात के शाही परिवारों के सदस्य भी मौजूद थे। समारोह में कैप्टन के साथ उन चालक दल के सदस्यों को भी सम्मान दिया गया, जिन्होंने संकट के समय स्थिति को संभालने और यात्रियों की रक्षा करने में योगदान दिया था। कैप्टन स्मित का घायल हाथ पर ब्रेस पहनकर समारोह में पहुंचना उनके संघर्ष की याद दिला रहा था। राष्ट्रपति की ओर से व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया जाना इस घटना में उनके योगदान के महत्व को दर्शाता है। समारोह के दौरान चालक दल के सामूहिक प्रयासों को भी मान्यता मिली, क्योंकि ऐसी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए त्वरित और समन्वित कार्रवाई जरूरी थी।
देश और समाज के लिए असाधारण योगदान की मान्यता: ‘ऑर्डर ऑफ जायेद द्वितीय’ संयुक्त अरब अमीरात का एक प्रतिष्ठित नागरिक और सैन्य सम्मान है। यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने देश और समाज के लिए असाधारण सेवाएं दी हों या साहस और उत्कृष्ट योगदान का प्रदर्शन किया हो। दुबई के युवराज शेख हमदान बिन मोहम्मद ने समारोह में चालक दल के सदस्यों को पदक प्रदान किए। उन्होंने संकट के दौरान दिखाई गई बहादुरी, जिम्मेदारी की भावना और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की। उनके अनुसार, ये गुण संयुक्त अरब अमीरात के विमानन क्षेत्र के उच्चतम मानकों को दर्शाते हैं। कैप्टन स्मित को मिला सम्मान केवल एक व्यक्ति की बहादुरी का पुरस्कार नहीं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में विमान चालक दल की भूमिका और यात्रियों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की भी पहचान है।
उड़ान के दौरान सह-पायलट ने किया अचानक हमला: 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमान के सह-पायलट ने कॉकपिट के भीतर अचानक हमला कर दिया था। घटना की गंभीरता इसलिए और बढ़ गई, क्योंकि हमलावर का इरादा विमान में सवार अधिक से अधिक लोगों को नुकसान पहुंचाने का था। इस हमले में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। विमान के भीतर पैदा हुई अफरातफरी के बीच यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के सामने तत्काल खतरे से निपटने की चुनौती थी। विमान तेजी से नीचे गिर रहा था और स्थिति पर नियंत्रण पाना बेहद जरूरी था। इस संकट के दौरान कैप्टन ने घायल होने के बावजूद अपना संयम बनाए रखा और ऐसा कदम उठाया, जिससे दूसरे लोगों को हमलावर को काबू करने का मौका मिला। यह घटना उड़ान के दौरान सामने आए गंभीर सुरक्षा संकट का उदाहरण बनी।
कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को बचाने में मदद की: गंभीर चोट और असहनीय दर्द के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद चालक दल के सदस्यों और यात्रियों ने मिलकर हमलावर सह-पायलट को काबू में कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान विमान तेजी से नीचे गिर रहा था, जिससे खतरे की गंभीरता और बढ़ गई थी। कैप्टन के साहसिक फैसले ने संकट के बीच अन्य लोगों को हस्तक्षेप करने का अवसर दिया और विमान में सवार 174 यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों की जान बचाने के प्रयास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संयुक्त अरब अमीरात के महान्यायवादी डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने 9 अक्टूबर को एक बयान में कहा था कि आरोपी ओमानी सह-पायलट का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नुकसान पहुंचाना था। इस बयान से हमले के पीछे की गंभीर मंशा सामने आई और कैप्टन तथा चालक दल की कार्रवाई का महत्व और स्पष्ट हुआ।
Benjamin Netanyahu ने PM Modi और कैप्टन को बुलाया Israel: इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन करके भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण कैप्टन को संयुक्त अरब अमीरात में मिले प्रतिष्ठित सम्मान के साथ उनकी बहादुरी को लेकर बढ़े अंतरराष्ट्रीय ध्यान के बीच आया है। संकट के दौरान घायल होने के बावजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की रक्षा के लिए उठाए गए उनके कदमों ने उन्हें असाधारण साहस की मिसाल के रूप में स्थापित किया है। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए जाने और इजरायल के प्रधानमंत्री की ओर से निमंत्रण मिलने से इस घटना का महत्व और बढ़ गया है। कैप्टन स्मित की कहानी संकट के समय जिम्मेदारी निभाने, धैर्य बनाए रखने और दूसरों की जान बचाने के लिए साहसिक निर्णय लेने की मिसाल पेश करती है।
















































