6 अगस्त 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो शाम 06:53 बजे तक रहेगी और इसके पश्चात नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
आज के दिन शीतलाष्टमी (बसोड़ा) और कालाष्टमी का पावन व्रत भी रखा जाएगा। शीतलाष्टमी के दिन घरों में बासी भोजन (बसोड़ा) की पूजा की जाती है और परंपरा के अनुसार इस दिन रसोई में चूल्हा नहीं जलाया जाता है।
तिथि व योग
आज का मुख्य पंचांगीय विवरण निम्नलिखित है:
- तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष अष्टमी (सायं 06:53 बजे तक, तदुपरांत नवमी)
- वार: गुरुवार
- मास व पक्ष: श्रावण मास, कृष्ण पक्ष
- नक्षत्र: भरणी नक्षत्र (रात्रि 08:14 बजे तक, तदुपरांत कृत्तिका नक्षत्र)
- योग: गण्ड योग (दोपहर 03:01 बजे तक, तदुपरांत वृद्धि योग)
- करण: बालव और कौलव
- चंद्र राशि: मेष
- सूर्योदय: प्रातः 05:45 बजे
- सूर्यास्त: सायं 07:08 बजे
शुभ मुहूर्त
किसी भी शुभ या नए कार्य की शुरुआत के लिए आज के शुभ समय इस प्रकार हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:20 से 05:03 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: प्रातः 04:42 से 05:45 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:54 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:41 से 03:34 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 03:38 से सायं 05:10 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:08 से 07:30 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: सायं 07:08 से रात्रि 08:12 बजे तक
अशुभ समय
ज्योतिषशास्त्र में किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य के लिए अशुभ माने जाने वाले समय:
- राहुकाल: दोपहर 02:07 से सायं 03:48 बजे तक (लखनऊ में दोपहर 01:51 से 03:31 बजे तक)
- यमगण्ड काल: प्रातः 05:45 से 07:26 बजे तक
- गुलिक काल: प्रातः 09:06 से 10:46 बजे तक एवं दोपहर 03:34 से 04:28 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:13 से 11:07 बजे तक
- वर्ज्य काल: सुबह 06:28 से 08:00 बजे तक
- आडल योग: रात्रि 08:13 से अगली सुबह 05:46 बजे (07 अगस्त) तक
प्रमुख शहरों में राहुकाल
स्थानीय सूर्योदय के आधार पर देश के प्रमुख शहरों में आज का राहुकाल समय:
| शहर | राज्य | राहुकाल समय |
| नई दिल्ली | दिल्ली | दोपहर 01:51 से 03:31 बजे तक |
| लखनऊ | उत्तर प्रदेश | दोपहर 01:51 से 03:31 बजे तक |
| पटना | बिहार | दोपहर 01:25 से 03:05 बजे तक |
| जयपुर | राजस्थान | दोपहर 02:13 से 03:53 बजे तक |
| भोपाल | मध्य प्रदेश | दोपहर 02:03 से 03:43 बजे तक |
| मुंबई | महाराष्ट्र | दोपहर 02:18 से 03:57 बजे तक |
| कोलकाता | पश्चिम बंगाल | दोपहर 01:17 से 02:57 बजे तक |
| चेन्नई | तमिलनाडु | दोपहर 01:46 से 03:20 बजे तक |
| हैदराबाद | तेलंगाना | दोपहर 01:53 से 03:26 बजे तक |
| बेंगलुरु | कर्नाटक | दोपहर 02:02 से 03:36 बजे तक |
| तिरुवनंतपुरम | केरल | दोपहर 02:00 से 03:33 बजे तक |
| अहमदाबाद | गुजरात | दोपहर 02:24 से 04:03 बजे तक |
| चंडीगढ़ | पंजाब / हरियाणा | दोपहर 01:55 से 03:36 बजे तक |
| श्रीनगर / जम्मू | जम्मू और कश्मीर | दोपहर 02:01 से 03:44 बजे तक |
| शिमला | हिमाचल प्रदेश | दोपहर 01:56 से 03:37 बजे तक |
| देहरादून | उत्तराखंड | दोपहर 01:50 से 03:31 बजे तक |
| रायपुर | छत्तीसगढ़ | दोपहर 01:47 से 03:27 बजे तक |
| रांची | झारखंड | दोपहर 01:23 से 03:03 बजे तक |
| भुवनेश्वर | ओडिशा | दोपहर 01:31 से 03:11 बजे तक |
| दिसपुर | असम | दोपहर 12:44 से 02:22 बजे तक |
| ईटानगर | अरुणाचल प्रदेश | दोपहर 12:35 से 02:13 बजे तक |
| कोहिमा | नागालैंड | दोपहर 12:44 से 02:21 बजे तक |
| इम्फाल | मणिपुर | दोपहर 12:47 से 02:25 बजे तक |
| आिजोल | मिजोरम | दोपहर 12:51 से 02:29 बजे तक |
| शिलोंग | मेघालय | दोपहर 12:50 से 02:28 बजे तक |
| गंगटोक | सिक्किम | दोपहर 01:07 से 02:47 बजे तक |
| पणजी | गोवा | दोपहर 02:13 से 03:50 बजे तक |
| अमरावती | आंध्र प्रदेश | दोपहर 01:45 से 03:18 बजे तक |
भरणी नक्षत्र
आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों की श्रृंखला में भरणी नक्षत्र दूसरा नक्षत्र माना जाता है। “भरणी” शब्द का शाब्दिक अर्थ ‘भरण-पोषण करना’ या धारण करना होता है।
- नक्षत्र स्वामी: शुक्राचार्य (शुक्र ग्रह)
- राशि स्वामी: मेष (मंगल ग्रह)
- प्रतीक चिह्न: त्रिकोण आकृति (तालबद्ध संरचना)
भरणी नक्षत्र का प्रभाव व जातक के गुण:
भरणी नक्षत्र के प्रभाव में आने वाले व्यक्ति सत्यवादी, निष्ठावान और धार्मिक प्रवृत्तियों में गहरी रुचि रखने वाले होते हैं। ये लोग अत्यधिक साहसी, दूसरों को प्रेरित करने वाले और स्वभाव से रचनात्मक होते हैं। कलात्मक क्षेत्रों जैसे चित्रकारी, फोटोग्राफी और विजुअल आर्ट्स में इनकी विशेष रुचि व सफलता पाई जाती है।
कठिन से कठिन चुनौतियों से न घबराना इनकी सबसे बड़ी शक्ति होती है। यही कारण है कि भरणी नक्षत्र के जातक अपने जीवन में कई बार असफल होने के बावजूद कभी हार नहीं मानते और निरंतर प्रयास के बल पर अंततः अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करते हैं।


























































