वैदिक ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। यह शनिदेव का नक्षत्र है और इसके अधिष्ठाता देवता देवगुरु बृहस्पति हैं। जब बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक ग्रह बुध स्थायित्व देने वाले नक्षत्र ‘पुष्य’ में प्रवेश करता है, तो व्यक्ति की निर्णय क्षमता में अभूतपूर्व सुधार होता है और आत्मविश्वास में भारी वृद्धि देखने को मिलती है।
8 अगस्त को बुध ग्रह पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह गोचर विशेष रूप से तीन राशियों के जातकों की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। इस नक्षत्र में बुध के आने से बौद्धिक कार्यों, शेयर मार्केट, बैंकिंग, मार्केटिंग, मीडिया और व्यापार से जुड़े लोगों को जबरदस्त लाभ प्राप्त हो सकता है।
इसी के साथ, ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस समय देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान होकर अपनी तीन अत्यंत दिव्य एवं अमृतमयी दृष्टियों (5वीं, 7वीं और 9वीं दृष्टि) से तीन विशेष राशियों के भाग्य को चमकाने जा रहे हैं। गुरु अपनी 5वीं दृष्टि से वृश्चिक राशि को, 7वीं दृष्टि से मकर राशि को और 9वीं दृष्टि से मीन राशि को देख रहे हैं। गुरु की इन दृष्टियों के प्रभाव से इन राशियों के जीवन से नकारात्मक प्रभाव समाप्त होंगे, करियर में जबरदस्त प्रगति होगी और बड़ा धन लाभ होने के योग बनेंगे।
बुध के नक्षत्र गोचर से लाभान्वित राशियाँ
1. मिथुन राशि (Gemini)
बुध के नक्षत्र गोचर से आपके आत्मविश्वास में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होगी। आपका आर्थिक पक्ष पहले से कहीं अधिक मजबूत होगा और आपकी वाणी में मधुरता आएगी। नौकरी व कार्यक्षेत्र में आपकी बातचीत की शैली की जमकर तारीफ होगी। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं और आय के नए-नए स्रोत विकसित होंगे।
2. कन्या राशि (Virgo)
बुध के इस गोचर से कन्या राशि के जातकों को व्यापार में बड़ी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। इसके साथ ही नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति (Promotion) के अवसर प्राप्त होंगे। बुध के नक्षत्र परिवर्तन से आपके काम करने के तरीके में अनुशासन और सटीकता आएगी। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। कारोबार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है और इस दौरान आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा।
3. तुला राशि (Libra)
तुला राशि वालों की कार्यक्षेत्र में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। बुध का यह नक्षत्र गोचर आपके करियर को एक नई गति प्रदान करेगा। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा समर्थन मिलेगा और आपकी बनाई योजनाओं की सराहना होगी। इस दौरान आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी।
4. मकर राशि (Capricorn)
इस दौरान आप हर परिस्थिति में सटीक निर्णय लेने में सफल रहेंगे। पार्टनरशिप यानी साझेदारी में किए जा रहे कार्यों से भरपूर लाभ मिलेगा। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जिससे आप अपने करियर और व्यवसाय से जुड़े सही और ठोस फैसले ले पाएंगे।
गुरु की अमृतमयी दृष्टि से लाभान्वित राशियाँ
1. वृश्चिक राशि (Scorpio) — स्वास्थ्य में सुधार और मान-सम्मान
देवगुरु बृहस्पति की आपकी राशि पर 5वीं दिव्य दृष्टि पड़ रही है। इससे आपके मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में भारी बढ़ोतरी होगी। आपकी पुरानी से पुरानी बीमारियां दूर होंगी और स्वास्थ्य में बहुत अच्छा सुधार देखने को मिलेगा। इस दौरान आपके द्वारा लिए गए सभी निर्णय सफल साबित होंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यशैली और लीडरशिप की जमकर तारीफ होगी। रुका हुआ धन वापस मिलने की पूरी संभावना है।
2. मकर राशि (Capricorn) — समाज में प्रतिष्ठा और दांपत्य सुख
गुरु की 7वीं दृष्टि आपके सप्तम भाव पर पड़ने से आपके व्यक्तित्व, कार्यशैली और दांपत्य जीवन में बड़ा सकारात्मक सुधार होगा। आपके फैसले सटीक होंगे और समाज में आपकी साख बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे।
3. मीन राशि (Pisces) — भाग्य वृद्धि और साढ़े साती से राहत
मीन राशि पर गुरु की 9वीं दृष्टि पड़ने से आपकी धार्मिक व आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। सबसे खास बात यह है कि आपको शनि की साढ़े साती के प्रतिकूल प्रभावों से बड़ी राहत मिलेगी। भाग्य का मजबूत साथ मिलने से लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होंगे। उच्च शिक्षा (Higher Education) की तैयारी कर रहे छात्रों को बड़ी सफलता मिल सकती है और आपके ज्ञान में वृद्धि होगी।
शुभ फल प्राप्ति के अचूक उपाय
बुध ग्रह को प्रसन्न करने के उपाय
- प्रत्येक बुधवार के दिन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को दूर्वा (दूब घास) और मोदक/लड्डू अवश्य अर्पित करें।
- बुधवार के दिन गाय को हरा चारा या हरी पालक खिलाएं।
- नियमित रूप से ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करें। इससे कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और बौद्धिक क्षमता बढ़ती है।
गुरु ग्रह की कृपा पाने के उपाय
- प्रत्येक गुरुवार के दिन किसी मंदिर में या योग्य ब्राह्मण को चने की दाल, साबुत हल्दी, पीले फल और पीले वस्त्र का दान करें।
- गुरुवार के दिन भगवान श्री हरि विष्णु और बृहस्पति देव का विधिवत पूजन करें और केले के वृक्ष में जल अर्पित करें।
- धार्मिक, सामाजिक और परोपकारी कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, इससे गुरु का शुभ प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

























































