मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ईरान समर्थित उग्रवादी समूहों द्वारा संभावित हमलों का सामना करने की तैयारी कर रहा है। खुफिया रिपोर्टों से स्पष्ट संकेत मिले हैं कि यमन के हूथी विद्रोही और इराकी मिलिशिया गुट मिलकर कार्रवाई कर सकते हैं। इन सभी उग्रवादी समूहों को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। इस संभावित खतरे को देखते हुए पूरी सीमा पर सतर्कता बेहद बढ़ा दी गई है।
नागरिक और आर्थिक ठिकाने निशाने पर: सऊदी अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि रियाद को विभिन्न वैश्विक स्रोतों से खुफिया सूचनाएं मिली हैं। अमेरिका और अन्य क्षेत्रीय मित्र देशों से प्राप्त इन जानकारियों में चेतावनी दी गई है कि देश के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले हो सकते हैं। विशेष रूप से नागरिक क्षेत्रों, ऊर्जा के बुनियादी ढांचों, प्रमुख बंदरगाहों और हवाई अड्डों की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता व्यक्त की गई है और पहरा कड़ा किया गया है।
सऊदी-फ्रांस के बीच महत्वपूर्ण वार्ता: सुरक्षा के इस गंभीर संकट के बीच सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बात की। सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व के मौजूदा हालात और लाल सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर विचार-विमर्श किया। यमन के ईरान-समर्थित हूथी समूह द्वारा हाल ही में किए गए हमलों के बाद, दोनों देशों ने क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए मिलकर प्रयास करने का संकल्प लिया।
होर्मुज की खाड़ी में फिर धमाके: तनाव कम होने का एक छोटा दौर समाप्त होते ही होर्मुज क्षेत्र में हालात एक बार फिर से काफी विस्फोटक हो गए हैं। ईरान के केशम द्वीप के निकटवर्ती इलाकों में भीषण धमाकों की आवाजें लगातार सुनी जा रही हैं। ईरान की सरकारी मीडिया ने इन घटनाओं की पुष्टि करते हुए कहा कि ये धमाके दुश्मन के ठिकानों के विरुद्ध चलाए जा रहे सैन्य अभियानों का हिस्सा हैं। इससे समुद्री मार्ग से होने वाले व्यापार पर फिर संकट गहरा गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा बयान: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि ईरान के साथ चल रहा सैन्य संघर्ष बहुत जल्द समाप्त हो जाएगा। वैश्विक ऊर्जा दरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने ईरान के साथ महत्वपूर्ण चर्चा शुरू की थी ताकि उनके पास परमाणु हथियार न हों। इसके साथ ही ट्रंप ने हथियारों की कमी के दावों को नकारते हुए कहा कि वाशिंगटन के पास असीमित मात्रा में गोला-बारूद उपलब्ध है और देश मजबूत स्थिति में है।
ईरानी राष्ट्रपति ने जताया विरोध: दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह देश पर चरम आर्थिक दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों के कारण उनके देश की अर्थव्यवस्था को भारी चोट पहुंच रही है। लगातार हो रहे हमलों के कारण ईरान को प्रतिदिन लगभग दो सौ तीस मिलियन क्यूबिक मीटर गैस का बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे देश के आंतरिक हालात प्रभावित हो रहे हैं।











































