नई दिल्ली. कोरोना वायरस वैक्सीन कोवैक्सीन के निर्माता भारत बायोटेक ने उम्मीद जताई है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन उसकी वैक्सीन को जुलाई-सितंबर तक मंजूरी मिल जाएगी. कंपनी ने कहा है कि डब्ल्यूएचओ ने भारत बायोटेक की अन्य वैक्सीन को भी पहले मंजूरी दी है और वैश्विक स्वास्थ्य संस्था के साथ कंपनी का अनुभव बेहतरीन रहा है. भारत बायोटेक ने अपने बयान में कहा, “कोवैक्सीन को जुलाई-सितंबर 2021 तक डब्ल्यूएचओ द्वारा मंजूरी मिलने की उम्मीद है. कंपनी ने कहा कि 60 से ज्यादा देशों में कोवैक्सीन को रेगुलेटरी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है. वहीं 13 से ज्यादा देशों में कोवैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई और कई देशों में मिलने वाली है.”
भारत बायोटेक ने अपने बयान में कहा है कि ज्यादातर देशों ने कोविड19 के खिलाफ टीकाकरण की सिफारिश की है, जबकि टीका ना लगवाने लोग यात्रा से आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाकर यात्रा कर सकते हैं, अगर अमुक देश में वैक्सीन को लेकर किसी तरह की यात्रा संबंधी पाबंदी का प्रावधान हो. दरअसल कोवैक्सीन लगवाने वाले लोगों को आशंका है कि डब्ल्यूएचओ और कई अन्य देशों द्वारा मंजूरी प्राप्त टीकों की सूची में भारत बायोटेक की वैक्सीन ना होने से विदेश यात्रा को लेकर उनकी योजना खटाई में पड़ सकती है.
बता दें कि अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और यूरोपियन यूनियन द्वारा मंजूरी प्राप्त वैक्सीन की सूची में कोवैक्सीन का नाम नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जिन वैक्सीन को अनुमति दी है, उनमें फाइजर, मॉडर्ना और कोविशील्ड शामिल हैं. लेकिन, कोवैक्सीन के मामले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत बायोटेक से और दस्तावेज मांगें हैं.
WHO ने वेबसाइट पर दी जानकारीपीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कोविड-19 के लिए अपने कोवैक्सिन टीके को आपात उपयोग वाली सूची (ईयूएल) में शामिल कराना चाह रही भारत बायोटेक से और अधिक जानकारी प्राप्त करने की जरूरत है. डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर 18 मई को जारी ‘डब्ल्यूएचओ की ईयूएल मूल्यांकन प्रक्रिया में कोविड-19 टीकों की स्थिति’ पर ताजा दिशा-निर्देश रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत बायोटेक ने 19 अप्रैल को ईओआई (रुचि पत्र) जमा किया था और उससे अभी और जानकारी चाहिए.


































