मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने सूबे की शिक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए गुजरात मॉडल पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने गुजरात के स्कूल मॉडल को अपनाते हुए, आदिवासी क्षेत्रों में 92 सरकारी स्कूलों को सार्वजनिक निजी भागीदारी यानी पीपीपी मोड के तहत चलाने के लिए उन्हें निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है।
इस व्यवस्था के तहत राज्य सरकार ने आदिवासी बच्चियों के लिए 82 कन्या शिक्षा परिसर और 10 उत्कृष्ट स्कूलों को चलाने का निर्णय लिया है। नई नीति के अनुसार, सरकार स्कूलों को चलाने के लिए धन उपलब्ध कराएगी जबकि निजी प्लेयर स्कूलों का रखरखाव और संचालन करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि नीति बनाने से पहले ही सीहोर के कन्या शिक्षा परिषद (Kanya Siksha Parishar) को पायलट परीक्षण के तहत सूर्या फाउंडेशन को सौंपा गया था। सूर्या फाउंडेशन गुजरात में एक सैनिक स्कूल चला रहा है। सूर्या फाउंडेशन की वेबसाइट पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, संगठन की शुरुआत पुणे विश्वविद्यालय के भूतपूर्व छात्रों ने साल 2014 में की थी। तभी से सूर्या फाउंडेशन शिक्षा के क्षेत्र में काम करना शुरू किया है। यह पहली बार है जब मध्य प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों को पीपीपी मोड पर चलाने के लिए एक नीति लाई है।
ऐसा नहीं है कि सरकारी स्कूलों को पीपीपी मोड पर चलाने के लिए सीएम शिवराज ने हाल में फैसला लिया है। सरकार ने साल 2021 में ही शिक्षा की गुणवत्ता में आमूल-चूल बदलाव लाने के लिए पीपीपी मोड के तहत एक्सिलेंट स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया था। अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल की तरह चलाया जाएगा। प्राइवेट पार्टनर शिक्षकों और कर्मचारियों का चयन करेंगे। सरकारी शिक्षक भी वहां काम करने के लिए आवेदन दे सकते हैं।
आदिवासी कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोहिल ने बताया कि निजी भागीदारों के साथ प्रारंभिक अनुबंध सात साल के लिए होगा। इस अवधि में कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों की प्रगति को परखा जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों का अधिकतम चयन सुनिश्चित करने के लिए छात्रों के ज्ञान के स्तर को बढ़ाने की जिम्मेदारी प्राइवेट पार्टनर की होगी। यह पहलकदमी राज्य के 89 आदिवासी विकास खंडों में आवश्यकता से कम शिक्षकों के साथ गुणवत्ता वाले शिक्षकों की कमी की समस्या को दूर करने में मददगार होगी।


































