भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र श्री गणेश को प्रथम पूजनीय देवता माना जाता है। मान्यता है कि इनकी आराधना व पूजा से सभी कार्यों में सफलता मिलती है और कष्टों का निवारण हो जाता है ऐसे में हर माह पड़ने वाली चतुर्थी तिथि गणपति की पूजा के लिए उत्तम मानी जाती है।

वही इस बार पड़ने वाले 11 मार्च को संकष्टी चतुर्थी का व्रत पूजन किया जाएगा। कहा जाता है कि इस दिन श्री गणेश की विधिवत पूजा करने और व्रत रखने से सारी विघ्न बाधओं से छुटकारा मिल जाता है और खूत तरक्की व धन की प्राप्ति होती है, तो आज हम आपको इस व्रत पूजन से जुड़ी जानकारी प्रदान कर रहे है।

धार्मिक पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है इस दिन गणपति की आराधना उत्तम फलदायी होती है। मान्यता है कि इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें इसके बाद गौरी पुत्र गणेश की मंदिर जाकर भगवान की विधिवत पूजा करें और उन्हें मोदक अर्पित करें

इसके बाद घर के पूजन स्थल पर भगवान की प्रतिमा को स्नाान कराएं फिर वस्त्र अर्पित करें और भगवान की पूजा धूप, दीपक, फूल माला, पुष्प आदि से करें भगवान को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाएं और व्रत कथा का पाठ करें इसके बाद अंत में श्री गणेश की आरती पढ़ें और सभी में प्रसाद का वितरण करें। मान्यता है कि इस विधि से अगर श्री गणेश की पूजा की जाए तो साधक को अधिक लाभ मिलता है और कष्टों का अंत हो जाता है।



































