उमेश पाल हत्याकांड के बाद से लापता अतीक अहमद के दोनों नाबालिग बेटे कहां है, इस बारे में सही-सही जानकारी नहीं हो पा रही है। अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन ने अपने बेटों को गायब करने का आरोप प्रयागराज पुलिस पर लगाते हुए कोर्ट की शरण ली है।
कोर्ट के निर्देश पर प्रयागराज पुलिस ने शुक्रवार को अतीक के दोनों बेटों के बारे में फिर से रिपोर्ट सौंपी और बताया कि दोनों कहां है। हालांकि फिर से रिपोर्ट स्पष्ट नहीं होने से कोर्ट ने दोबारा आख्या देने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख तय की है।
बाहुबली अतीक अहमद के दोनों नाबालिग बेटों को घर से उठा ले जाने और अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए शाइस्ता ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी तो पुलिस ने दोनों बेटों के बाल संरक्षण गृह में होने की बात कही।
शाइस्ता के अधिवक्ता विजय मिश्रा ने पिछले दिनों कोर्ट को बताया कि धूमनगंज प्रभारी की आख्या के अनुसार शाइस्ता के दो नाबालिग बेटों को बाल संरक्षण गृह में दाखिल कराया गया है। लेकिन परिजनों ने वहां जाकर पूछा तो बताया गया कि न ही इस नाम का कोई दाखिला है और न ही किसी ने उनसे मिलने दिया।
अधिवक्ताओं की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि प्रभारी धूमनगंज की ओर से शाइस्ता के बेटों को किस जिले के बाल संरक्षण गृह में दाखिला कराया गया है, यह भी स्पष्ट नहीं है। इस पर सीजेएम दिनेश कुमार गौतम ने बाल संरक्षण अधिकारी प्रयागराज और धूमनगंज थाने के प्रभारी से रिपोर्ट तलब की और सुनवाई के लिए 10 मार्च की तारीख निर्धारित की थी।
शाइस्ता के अधिवक्ता विजय मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि धूमनगंज प्रभारी की आख्या के अनुसार शाइस्ता के बेटों को किस जिले के बाल संरक्षण गृह में दाखिला कराया गया है, यह स्पष्ट नहीं है। इस पर सीजेएम दिनेश कुमार गौतम ने धूमनगंज थाने के प्रभारी से स्पष्ट रिपोर्ट रिपोर्ट तलब किया था। परंतु जो रिपोर्ट आज प्रस्तुत की गई है, उसमें भी यह स्पष्ट नहीं किया गया है। हूबहू पुरानी रिपोर्ट को दोबारा प्रस्तुत कर दिया गया है। इस पर अदालत ने सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख निर्धारित की है।
इससे पहले शाइस्ता ने अर्जी के जरिए कोर्ट को बताया था कि 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद पुलिस उनके दोनों नाबालिग बेटों को घर से लेकर चली गई थी। पुलिस उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है। शाइस्ता परवीन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर और जिला कचहरी में अर्जी देकर आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके दोनों नाबालिग बेटों को अवैध तरीके से हिरासत में रखा है।
कोर्ट ने धूमनगंज पुलिस से दो मार्च तक रिपोर्ट मांगी। दो मार्च को कोर्ट में सिपाही आख्या लेकर पहुंचा और कोर्ट को अवगत कराया कि अतीक के बेटे थाने में नहीं हैं। अधिवक्ताओं ने सिपाही की आख्या का विरोध किया तो कोर्ट ने फिर से रिपोर्ट मांगी। इसके बाद धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश मौर्या ने कोर्ट को बताया कि उमेश पाल समेत तीन लोगों की हत्या में अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन नामजद आरोपी हैं।
वारदात के बाद शाइस्ता अपने परिजनों के साथ घर से हट गई थीं। दो मार्च की शाम को पुलिस को सूचना मिली कि अतीक अहमद के दोनों बेटे कसारी मसारी में मौजूद हैं। इन्हें नाबालिग मानते हुए दो मार्च को बाल संरक्षण गृह में दाखिल कराया गया है। पुलिस का कहना है कि बच्चों के मां-बाप के आने पर उन्हें सुपुर्द किया जाएगा। लेकिन पुलिस ने नहीं बताया था कि किस संरक्षण गृह में अतीक अहमद के दोनों बेटे हैं।



































