बसपा प्रमुख मायावती ने ऐलान किया है कि जब तक नए मीडिया सेल का गठन होने तक कोई भी पार्टी का प्रवक्ता नहीं है। मायावती ने शुक्रवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीएसपी द्वारा पार्टी के मीडिया सेल का पुनर्गठन प्रस्तावित है।
इस परिस्थिति में नए मीडिया सेल का गठन होने तक अब कोई पार्टी का प्रवक्ता नहीं है। अतः श्री धर्मवीर चौधरी सहित पार्टी के जो भी लोग मीडिया में अगर अपनी बात रखते हैं तो वह उनकी निजी राय होगी, पार्टी का अधिकृत वक्तव्य नहीं।
आपको बता दें कि बसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मवीर चौधरी ने माफिया अतीक अहमद के परिवार का बचाव करते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। धर्मवीर चौधरी ने कहा कि अतीक की पत्नी बीएसपी नेता शाइस्ता परवीन उमेश पाल हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग है। इस पर सरकार को न्याय हित में सीबीआई जांच करानी चाहिए। इसके बाद बीएसपी नेता धर्मवीर चौधरी के इस बयान को लेकर पार्टी पर कई सवाल खड़े हुए थे।यही नहीं बसपा नेता उमाशंकर ने अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन के बचाव में बयान दिया था। उमा शंकर सिंह ने शाइस्ता परवीन पर इनाम की घोषणा को पुलिस की नाकामी बता दिया था। उन्होंने कहा था कि उमेश पाल हत्याकांड को सुलझाने में पुलिस की नाकामी से ”ध्यान भटकाने” का एक प्रयास है। कहा कि अगर शाइस्ता के साथ अपराधियों की तस्वीर से ही इनाम घोषित करना है तो अखिलेश यादव पर भी केस होना चाहिए। उनकी भी तस्वीर शूटरों के साथ आई है।


































