संजीव कुमार शुक्ला
लखनऊ :पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने कहा कि बी.जे.पी ने राजनैतिक फायदा लेने की कोशिश में और सुप्रीम कोर्ट के एसबीआई को 24 घंटे के भीतर चुनावी बॉन्ड का पूरा ब्यवरा देने के आदेश को टाल मटोल करने के आनन फ़ानन में सीएए कानून को लागू कर दिया।अनीस मंसूरी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सीएए कानून लागू किये जाने पर मुसलमानो को घबराने की ज़रुरत नहीं है। यह कानून नागरिकता देता है छीनता नहीं है, इस से मुसलमानों का लेना देना नहीं है, यह कानून भारत सरकार बहुत पहले लेकर आयी थी और लागू करना चाहती थी लेकिन सरकार 2024 के लोकसभा चुनाव का राजनैतिक लाभ लेने के लिए इंतिजार कर रही थी।अनीस मंसूरी ने कहा कि भारतीय संविधान में लिखा है कि देश में किसी भी धर्म के शरणार्थीयों को नागरिकता दी जा सकती है, सरकार को संविधान की इस बात पर विचार करना चाहिए।अनीस मंसूरी ने कहा कि सीएए पर देश भर से आई आपत्तियों का समाधान नहीं किया और अपने राजनैतिक लाभ के लिये लागू कर दिया है यह देश के लिए विभाजनकारी है और नागरिकता धर्म या राष्ट्रीयता पर आधारित नहीं होना चाहिए।



































