
टी एच आर इकाइयों में सोलर प्लान्ट लगाने पर दी जा रही है,बड़ी अनुदान राशि
उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अन्तर्गत है अनुदान की सुविधा।
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन मे खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र मे अधिक से अधिक रोजगार सृजन करने, किसानो के अपने उत्पादों के माध्यम से आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को सरकार द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के संचालन मे महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिये गये हैं
उ०प्र० राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओ द्वारा विभिन्न जनपदों में राज्य सरकार के सहयोग से टेक होम राशन (टी०एच०आर०) इकाईयों का संचालन किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओ द्वारा संचालित इकाईयों पर सोलर पॉवर प्लाण्ट की स्थापना कर बिजली पर आने वाले व्यय को कम किया जा रहा है, इससे महिलाओं की आमदनी में इजाफा हो रहा है।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन द्वारा 49 टी एच आर इकाईयों पर 75 किलोवाट सोलर पॉवर प्लाण्ट की स्थापना प्रस्तावित की गयी। प्राप्त प्रस्तावों पर कृषि उत्पादन आयुक्त, उ०प्र० शासन की अध्यक्षता में पिछले दिनों सम्पन्न हुयी बैठक मे स्वीकृति प्रदान की गयी। 49 टी०एच०आर० इकाईयों में से उ०प्र० राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान में 25 इकाईयों पर स्थापित किए गए सोलर पॉवर प्लाण्ट पूर्णरूपेण क्रियाशील हैं। क्रियाशील 25 इकाईयों में से 6 इकाईयों के द्वितीय किश्त के भुगतान की कार्यवाही क्रमित है, वहीं 13 इकाईयों को प्रथम एवं द्वितीय किश्त के रूप में धनराशि रू0 587.01 लाख तथा 6 इकाईयों को प्रथम किश्त के भुगतान के रूप में रू0 135.60 लाख, कुल 722.60 लाख की अनुदान राशि उपलब्ध करायी गयी है। इस परियोजना से जहाँ विद्युत व्यय में कमी आयी है, वहीं वातावरण अनुकूलित नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोत के प्रयोग को बढ़ावा मिला है।
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण व रेशम विभाग बी एल मीना ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति- 2023 के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों को बिजली आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर सब्सिडी प्रदान की जाती है
ज्ञात हो कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विशेष रूप से सूक्ष्म और लघु उद्योग ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापित है तथा नियोजित औद्योगिक क्षेत्रों की सीमा से बाहर स्थित है। इसके दृष्टिगत खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए 75 के.वी.ए. तक के सौर ऊर्जा संयत्रों को स्थापित करने हेतु परियोजना लागत का 50 प्रतिशत और महिलाओं के स्वामित्व और संचालन वाली खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों पर 90 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जाती है।प्रसंस्करण इकाइयों को बिजली आपूर्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 75 के.वी.ए. तक लागत का 50 प्रतिशत, महिला उद्यमी हेतु लागत का 90 प्रतिशत सौर ऊर्जा परियोजना पर सब्सिडी दी जाती है।




























