07 महीने में 955 वसूली प्रमाण-पत्रों के विरुद्ध 251 करोड़ रुपये की वसूली की है।
लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश रेरा ने आवंटियों की शिकायतों पर पारित अपने आदेशों के बदले जारी वसूली प्रमाण-पत्रों के विरुद्ध आवंटियों को देय धनराशि की वसूली के लिए प्रयास बढ़ा दिया है। अगस्त, 2023 से वसूली की गति कई गुना बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश रेरा ने 5700 मामलों में 1410 करोड़ रुपये की वसूली सुनिश्चित की है। इसमें से अगस्त, 2023 से 15 जुलाई, 2025 के बीच 3053 मामलों में 861 करोड़ रुपये की राशि वसूल की जा चुकी है। यह अब तक वसूल की गई कुल राशि का लगभग 61 प्रतिशत है। वसूली की रफ्तार लगातार बढ़ रही है, जैसा कि वर्ष 2023 में 380 करोड़ रुपये, वर्ष 2024 में 463 करोड़ रुपये और वर्ष 2025 में अब तक 251 करोड़ रुपये की वसूली से स्पष्ट है। वर्ष 2024 में इसी अवधि में 244 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी।
संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रत्यक्ष वसूली के अलावा, लगभग 1650 वसूली प्रमाण पत्रों का प्रमोटरों और आवंटियों के बीच पारस्परिक समाधान द्वारा निपटारा किया गया है। यू.पी. रेरा ने निष्पादन कार्यवाही के दौरान या लखनऊ और ग्रेटर नोएडा में स्थापित अपने कन्सिलिएशन फोरम के माध्यम से रिफंड और मकानों के कब्जे, दोनों से संबंधित 3320 करोड़ रुपये के अनुमानित मूल्य वाले 8500 अन्य मामलों का भी निपटारा सुनिश्चित किया है।
कुल मिलाकर 15850 आवंटी शिकायतकर्ताओं के 5180 करोड़ रुपये की राशि के दावों का या तो वसूली के माध्यम से या प्रमोटरों और आवंटियों के बीच समझौते के माध्यम से या रेरा बेंचों के समक्ष प्रवर्तन कार्यवाही के दौरान पक्षों के बीच समझौते के माध्यम से या कन्सिलिएशन फोरम के समक्ष सुलह के माध्यम से निपटान किया गया है।
उत्तर प्रदेश रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने बताया कि संबंधित जिलाधिकारियों के साथ मासिक समीक्षा और बाकीदार प्रमोटरों पर दबाव बनाकर वसूली में यह वृद्धि सुनिश्चित की गई है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि परियोजनाओं के पंजीकरण या विस्तार के अनुरोध को स्वीकार करने से पहले प्रमोटरों ने आवंटियों के दावों को पर्याप्त रूप से संतुष्ट किया हो। उत्तर प्रदेश रेरा के वसूली की रणनीति की भारत सरकार के स्तर पर भी सराहना हुई है और वह संबंधित जिलाधिकारियों के परामर्श से वसूली हेतु और अधिक प्रभावी रणनीतियाँ बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि आवंटियों को उत्तर प्रदेश रेरा के आदेशों का लाभ अवश्य मिले।





























