कनाडा में भारतीय मूल के व्यवसायियों और कबड्डी प्रमोटर्स पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में ब्रैम्पटन में हुई फायरिंग ने पिछले पैटर्न को फिर से दोहराया है। यह कोई पहली घटना नहीं है; जनवरी 2026 में भी इसी गैंग ने कबड्डी खिलाड़ी Devinder Mann (Dev Mann) के ठिकानों को निशाना बनाया था।
विस्तृत विश्लेषण:
- पैटर्न का दोहराव: जिस तरह सरे (Delta) में देव मान के घर पर फायरिंग की गई थी, ठीक उसी अंदाज में मनी रंधावा के शोरूम पर हमला हुआ। दोनों ही मामलों में गैंग ने पहले ‘समझाने’ की बात कही और फिर सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली।
- वसूली और रंजिश: एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये हमले केवल रंजिश नहीं, बल्कि जबरन वसूली (Extortion) और अपना दबदबा कायम करने की कोशिश हैं।
- सुरक्षा पर सवाल: सरे में ब्रुक रोड की घटना हो या ब्रैम्पटन का कार शोरूम, कनाडा की पुलिस (RCMP/Peel Police) इन हाई-प्रोफाइल गैंग्स को रोकने में नाकाम दिख रही है।
- भविष्य का संकट: गैंग ने खुले तौर पर कहा है कि जो भी उनके दुश्मनों का साथ देगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। यह चेतावनी कनाडा में रह रहे पंजाबी समुदाय और कारोबारियों के बीच दहशत पैदा कर रही है।



































