जहाँ एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे थे कि ईरान की सैन्य क्षमता “पूरी तरह तबाह” हो चुकी है, वहीं धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। ईरान ने पिछले 20 वर्षों में पहली बार अमेरिकी सैन्य विमानों को इतनी बड़ी संख्या में निशाना बनाकर वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है।
रणनीतिक विश्लेषण:
- ट्रंप बनाम वास्तविकता: ट्रंप ने कहा था कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता खत्म हो गई है, लेकिन शुक्रवार को F-15E और A-10 के गिरने ने इन दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
- ऐतिहासिक संदर्भ: रिटायर्ड एयर फोर्स ब्रिगेडियर जनरल ह्यूस्टन कैंटवेल के अनुसार, आखिरी बार 2003 के इराक युद्ध में अमेरिका ने अपना A-10 जेट खोया था। 20 साल बाद ईरान ने इस इतिहास को फिर से दोहराया है।
- बचाव और खोज अभियान: वर्तमान में अमेरिकी सेना के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने लापता पायलटों को ढूंढना है। कुवैत से लेकर फारस की खाड़ी तक फैली इस जंग ने साबित कर दिया है कि ईरान का Air Defense System अभी भी अमेरिकी स्टील्थ तकनीक को टक्कर देने में सक्षम है।
- भविष्य की स्थिति: 2 MQ-9 Reaper ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों के ढेर होने की खबरों के बीच, अमेरिका के लिए यह युद्ध अब केवल रणनीतिक नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक हार की ओर बढ़ता दिख रहा है।



































