भारत की सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में अचानक एक बड़ा बवाल खड़ा हो गया। यहां निकाले जा रहे एक धार्मिक जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच अचानक विवाद शुरू हो गया। गुरुवार के दिन यह मामूली विवाद बहुत तेजी से भयंकर सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। देखते ही देखते इलाके के दो अलग-अलग समुदायों के लोग भारी संख्या में आमने-सामने आ गए। इस हिंसक घटना ने पूरे इलाके के शांतिपूर्ण माहौल को पूरी तरह से तनावग्रस्त कर दिया।
आगजनी और भारी तोड़फोड़ हिंसा भड़कने के बाद कई जगहों पर उपद्रवियों ने भारी पथराव और हिंसक प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस दौरान अनियंत्रित भीड़ ने दर्जनों गाड़ियों में भयानक आग लगा दी और उन्हें पूरी तरह खाक कर दिया। उपद्रवियों का गुस्सा यहीं नहीं रुका और उन्होंने इलाके की कई अहम इमारतों को भी आग के हवाले कर दिया। बाजार में स्थित कई दुकानों और आम लोगों के मकानों में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। इस भीषण आगजनी और तोड़फोड़ के कारण पूरे इलाके में बहुत भारी आर्थिक नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
कर्फ्यू और पुलिस की गोलीबारी सुनसरी जिले में बेकाबू होते इन हालातों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए। सांप्रदायिक हिंसा को अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने चार जिलों में पूरी तरह से कर्फ्यू लगा दिया है। इस दौरान कप्तानगंज इलाके में हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मजबूरन गोलीबारी करनी पड़ी। इस दुर्भाग्यपूर्ण गोलीबारी में दो स्थानीय युवकों की मौत हो गई, जिससे हालात और भी ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। इसके बाद प्रशासन ने सभी उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के लिए और भी कड़े निर्देश जारी कर दिए।
सेना ने संभाला मोर्चा स्थिति को काबू से बाहर जाते देख नेपाल के नागरिक प्रशासन ने सेना की मदद लेने का अहम फैसला किया। नेपाल की सेना ने तत्काल प्रभाव से इन सभी हिंसा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा का भारी मोर्चा संभाल लिया है। सेना के जवान लगातार पूरे इलाके में गश्त कर रहे हैं और शांति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। इन अति संवेदनशील इलाकों में सेना द्वारा लगातार फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है ताकि लोगों में सुरक्षा का भाव जगे। सेना की इस त्वरित कार्रवाई के बाद इलाके में हिंसा की घटनाओं पर काफी हद तक लगाम लग गई है।
प्रधानमंत्री की शांति अपील देश में भड़की इस सांप्रदायिक हिंसा पर नेपाल के शीर्ष नेतृत्व ने भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। नेपाल के वर्तमान प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सभी आम नागरिकों से तत्काल शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न देने और पूरी तरह संयम बरतने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी वादा किया है कि इस सांप्रदायिक हिंसा के दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि हिंसा भड़काने वाले सभी दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जाएगी।
लगातार हो रही कड़ी निगरानी नेपाल सरकार और उसकी सेना इस समय पूरे प्रभावित क्षेत्र पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। सुरक्षा एजेंसियां जमीन से लेकर आसमान तक हर एक छोटी-बड़ी गतिविधि की बारीकी से निगरानी कर रही हैं। शहर के चप्पे-चप्पे पर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी नई हिंसक घटना को तुरंत रोका जा सके। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति काफी तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह से सेना के नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन लगातार स्थानीय लोगों के संपर्क में है और हालात को पूरी तरह से सामान्य करने के ठोस प्रयास जारी हैं।


























































