गोरखपुर: पूर्वाेत्तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक विनोद कुमार शुक्ल ने 12 सितम्बर, 2026 को ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय, गोरखपुर का गहन निरीक्षण किया। इस अवसर पर चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक, चिकित्सा कर्मी उपस्थित थे।
इस दौरान अपर महाप्रबंधक ने चिकित्सालय के इमरजेंसी ब्लॉक का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने गहन चिकित्सा इकाई (आई.सी.यू.) एवं गहन हृदय चिकित्सा इकाई (आई.सी.सी.यू.), पैथोलॉजी केन्द्र, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे तथा चिकित्सक कक्षों का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने आई.सी.सी.यू में भर्ती मरीजों से उनकी कुशल-क्षेम पूछी तथा संबंधित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण के दौरान उन्होंने अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे एवं पैथोलॉजी लैब में उपलब्ध आधुनिक मशीनों के रखरखाव को सुदृढ़ करने तथा उन्हें सदैव चालू अवस्था में रखने पर विशेष जोर दिया, जिससे चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को जांच एवं उपचार की सुविधाओं का समुचित लाभ मिल सके। अपर महाप्रबंधक ने आपातकालिन रोगी पंजीकरण पंजिका को ऑनलाइन करने तथा चिकित्सालय से संबंधित दस्तावेजों को अधिक से अधिक डिजिटल करने का सुझाव दिया। श्री शुक्ल ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था से मरीजों को त्वरित सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता भी बढ़ेगी। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड परिसर में रखे बूम बैरियर को हटाने का भी निर्देश दिया।
इसके पश्चात अपर महाप्रबंधक ने दवा वितरण हॉल का निरीक्षण कर दवा वितरण काउंटर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों से दवा प्राप्त करने में होने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी ली और उनकी कुशल-क्षेम पूछी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को दवा लेने के लिए अनावश्यक रूप से लंबी कतार में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए उन्होंने दवा वितरण व्यवस्था को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाये जाने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने औषधि ड्राप बॉक्स (निष्प्रयोज्य) से दवाओं की नियमित निकासी करने का निर्देश दिया।
अपर महाप्रबंधक ने चिकित्सालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर के चारों ओर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा ड्रेनेज सिस्टम को सुदृढ़ करने का सुझाव दिया। उन्होंने खान-पान स्टॉल के निकट साफ-सफाई बनाए रखने, पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध कराने तथा कचरे के समुचित निस्तारण सुनिश्चित करने तथा चिकित्सालय परिसर में रखे निर्माण सामग्री को उचित स्थान पर रखने हेतु निर्देशित किया जिससे चिकित्सालय परिसर में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बना रहे।










































