इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के एक प्रस्तावित रक्षा सौदे पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने तुर्किये को अमेरिकी स्टेल्थ लड़ाकू विमान बेचने के प्रस्ताव का बहुत ही सख्त लहजे में विरोध किया है। नेतन्याहू का यह बयान तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पहले कार्यकाल के प्रतिबंधों को हटाने के संकेत दिए। इजरायली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने इस सौदे को मंजूरी नहीं देने की सीधी अपील की है। वे नहीं चाहते कि अमेरिका अपना सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान किसी भी स्थिति में तुर्किये को बेचे।
सीएनएन को दिया इंटरव्यू इस पूरे विवाद के बीच इजरायली प्रधानमंत्री ने मीडिया के सामने अपनी बातें खुलकर रखी हैं। हाल ही में बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रसिद्ध अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन को अपना एक अहम इंटरव्यू दिया था। इसी विशेष इंटरव्यू के दौरान उन्होंने तुर्किये को लड़ाकू विमान बेचने के अमेरिकी प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान तुर्किये को बेचने से वह कभी भी अमेरिका का सच्चा दोस्त नहीं बन जाएगा। उन्होंने अपनी चिंताओं को अमेरिकी नेतृत्व तक पहुंचाने की पूरी कोशिश की है।
मुस्लिम ब्रदरहुड का प्रभाव नेतन्याहू ने तुर्किये की वर्तमान सरकार और उसकी नीतियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि तुर्किये का मौजूदा शासन मुख्य रूप से मुस्लिम ब्रदरहुड की विचारधारा से बहुत अधिक प्रभावित है। इजरायली प्रधानमंत्री के अनुसार यह वही विचारधारा है जो अमेरिका से काफी ज्यादा नफरत करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेचेप तैयप एर्दोआन अमेरिका के लिए एक आदर्श और भरोसेमंद सहयोगी बिल्कुल भी नहीं हैं। इसके माध्यम से नेतन्याहू ने अमेरिका को तुर्किये की असलियत के प्रति सचेत करने का प्रयास किया है।
इजरायल को खत्म करने की धमकी इजरायली नेता ने तुर्किये के राष्ट्रपति की बयानबाजी को लेकर भी अपनी गहरी चिंता प्रकट की है। उन्होंने दावा किया कि तुर्किये के राष्ट्रपति उनके देश को पूरी तरह से खत्म करने की लगातार धमकी देते रहते हैं। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि उनका देश पूरी दुनिया में मौजूद इकलौता यहूदी राष्ट्र है। ऐसे में इजरायल की सुरक्षा के लिए तुर्किये का यह रवैया एक बहुत बड़ा और गंभीर खतरा है। इसी वजह से वे अमेरिका और तुर्किये के बीच होने वाले इस रक्षा सौदे का लगातार विरोध कर रहे हैं।
मध्य पूर्व का शक्ति संतुलन तुर्किये को लड़ाकू विमान मिलने से पैदा होने वाले खतरों के बारे में नेतन्याहू ने गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि अगर तुर्किये को ये उन्नत विमान दिए गए, तो क्षेत्रीय संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा। इजरायली प्रधानमंत्री का मानना है कि इससे मध्य पूर्व क्षेत्र में सैन्य शक्ति का संतुलन बहुत बुरी तरह से प्रभावित होगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से सीधे तौर पर कहा है कि इस रक्षा सौदे को मंजूरी देना मध्य पूर्व का शक्ति संतुलन नष्ट कर देगा। नेतन्याहू इस मुद्दे को वॉशिंगटन में होने वाली अपनी अहम बैठक में भी उठाएंगे।
तुर्किये को सौदे की उम्मीद इजरायल के इतने कड़े विरोध के बावजूद तुर्किये इस रक्षा सौदे को लेकर काफी ज्यादा आश्वस्त नजर आ रहा है। तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने इस पूरे मामले पर बहुत ही सकारात्मक संकेत दिए हैं। एर्दोआन ने बताया है कि अंकारा को पूरा भरोसा है कि वह अमेरिका से इस लड़ाकू विमान को खरीदने के समझौते के बेहद करीब पहुंच चुका है। इसके साथ ही तुर्किये अपने स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘KAAN’ के लिए अमेरिकी इंजन हासिल करने के करीब भी पहुंच गया है। तुर्किये को पूरी उम्मीद है कि इस रक्षा समझौते से उनकी सैन्य क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी।


























































