महिलाओं को कैंसर रोकथाम, शीघ्र पहचान और एचपीवी टीकाकरण के प्रति किया जागरूक

लखनऊ। एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग ने कैंसर एड सोसाइटी और स्त्री कल्याण फाउंडेशन के सहयोग से 14 अगस्त को आनंदी मां योजना – कैंसर मुक्त उत्तर प्रदेश विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और समुदाय में कैंसर की रोकथाम, शीघ्र पहचान और एचपीवी टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. डेमियन कोहॉल, डीन, मेडिकल साइंसेज संकाय, वेस्ट इंडीज विश्वविद्यालय ने किया। उन्होंने औषधीय पौधों और स्वदेशी चिकित्सा ज्ञान पर अपने कार्य का भी उल्लेख किया। एरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अब्बास अली मेहंदी ने कैंसर मुक्त उत्तर प्रदेश निवारक ऑन्कोलॉजी का दृष्टिकोण पर संबोधन दिया। प्रो-वाइस चांसलर प्रो. फरजाना मेहंदी ने भी ऐसे सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए समर्थन व्यक्त किया। प्रो चांसलर एंव एरा एजुकेशनल ट्रस्ट के डायरेक्टर मीसम अली खान, ने कहा एरा मेडिकल कॉलेज में कैंसर इलाज के लिए रेडीएशन सर्जरी और कीमो थेरिपी के डिपार्टमेंट शुरू हो चुके है और रोगियों के लिए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज की भी सुविधा है, अब रोगियों को इसका लाभ मिलेगा। विशेषज्ञ व्याख्यानों में डॉ. आशीष उपाध्याय ने कैंसर के चेतावनी संकेत, डॉ. रौनक कुमार गुप्ता ने मुख कैंसर व तंबाकू के खतरे, डॉ. इंद्रजीत गुप्ता ने स्तन कैंसर की जांच और उपचार, तथा डॉ. तरुणा सिंह ने सर्वाइकल कैंसर की जांच पर जानकारी दी। डॉ. पीयूष गुप्ता, सचिव कैंसर एड सोसाइटी ने कैंसर रोकथाम में 40 वर्षों के सामुदायिक अनुभव साझा किए। प्रीती गुप्ता, सीनियर डायरेक्टर, कैंसर एड सोसाइटी ने वक्ताओं को मेमेंटो देकर सम्मानित किया। डॉ. सुमेधा नीलू त्रिवेदी, संस्थापक अध्यक्ष स्त्री कल्याण फाउंडेशन ने भी अपनी पहल प्रस्तुत की। कार्यक्रम में एचपीवी टीकाकरण, भ्रांतियों और कैंसर जांच पर पैनल चर्चा हुई, जिसमें ईएनटी, सर्जरी, स्त्री रोग, मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी, पैथोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स के विभागाध्यक्ष शामिल हुए। इसमें चिकित्सा छात्र, संकाय सदस्य, नर्सिंग स्टाफ, कैंसर से उबर चुके लोग और एनजीओ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समापन धन्यवाद ज्ञापन और हाई-टी के साथ हुआ। एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज ने इस पहल के जरिए निवारक ऑन्कोलॉजी और सामुदायिक आउटरीच के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और विशेष रूप से आनंदी मां योजना से जुड़ी महिलाओं को समय पर जांच के लिए प्रेरित किया।










































