हिंदू धर्म में कई सारे व्रत त्योहार मनाए जाते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है इन्हीं में से एक है प्रदोष व्रत जो शिव को समर्पित है ये हर मास के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर किया जाता है इस दिन भक्त भगवान शिव की विधिवत पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं पंचांग अनुसार पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 21 दिसंबर दिन बुधवार यानी की कल पड़ रही है

ये साल का आखिरी प्रदोष व्रत है जिसे बुध प्रदोष व्रत के नाम से जाना जा रहा है शिव पार्वती की पूजा करने और व्रत रखने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है और कष्टों से भी राहत मिल जाती है इस दिन पूजा पाठ और व्रत के अलावा कुछ उपायों को भी करना लाभकारी होता है तो आज हम आपको उन्हीं उपायों के बारे में बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।

बुध प्रदोष व्रत से जुड़े उपाय और नियम-
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार इस दिन सुबह के समय जातक को स्नान करके साफ वस्त्र धारण करना चाहिए साथ ही भगवान शिवका स्मरण करना चाहिए अगर आप प्रदोश व्रत रख रहे हैं तो इस दिन भूलकर भी नमक का सेवन न करें किसी से वाद विवाद नहीं करना चाहिए साथ ही इस दिन ब्रह्मचार्य का पालन करना जरूरी होता है। प्रदोष व्रत के दिन भूलकर भी तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए

इस दिन प्याज, लहसु, मांस आदि से भी दूर रहना चाहिए इस दिन तंबाकू और मदिरा का सेवन भी नहीं करना चाहिए इसे अच्छा नहीं माना जाता है। शास्त्र अनुसार प्रदोष व्रत वाले दिन अधिक से अधिक समय शिव का ध्यान करते हुए उनके ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए वही सुख समृद्धि और धन प्राप्ति के लिए इस दिन इन मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए इसका जाप करने से शिव कृपा मिलती है।

शिव जी के चमत्कारी मंत्र-
* नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम: शिवाय ।।
* ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।
* वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय ।
चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय तस्मै वकाराय नम: शिवायः ।।
* शर्वाय क्षितिरूपाय नंदीसुरभये नमः ।
ईशाय वसवे सुभ्यं नमः स्पर्शमयात्मने ।।





































