हिंदू सनातन परंपरा और वैदिक ज्योतिष में पंचांग का अत्यंत विशेष और महत्वपूर्ण स्थान है। पंचांग के मुख्य पाँच अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—का सही ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति अपने दैनंदिन जीवन के समस्त शुभ और मांगलिक कार्यों को सही और सटीक समय पर संपन्न कर सकता है। दैनिक पंचांग न केवल हमें शुभ योगों और समय की जानकारी देता है, बल्कि यह हमें अशुभ मुहूर्तों से सचेत कर विघ्नों से बचाने में भी मदद करता है।
21 अगस्त 2026, दिन शुक्रवार का पंचांग धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण तिथियों और योगों का संयोग लेकर आया है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, तिथि, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और देश के प्रमुख नगरों में सूर्योदय तथा राहुकाल की सही समयावधि।
दैनिक पंचांग एवं नक्षत्र स्थिति
आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। शुक्रवार का दिन होने के साथ ही आज कई दुर्लभ और सिद्ध योगों का निर्माण हो रहा है, जो धार्मिक अनुष्ठानों और महत्वपूर्ण कार्यों के शुभारंभ के लिए उत्तम माने जाते हैं।
- तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष नवमी तिथि (21 अगस्त 2026 को रात्रि 11:37 बजे तक), तत्पश्चात दशमी तिथि का प्रारंभ होगा।
- दिन: शुक्रवार
- योग: वैधृति योग (21 अगस्त को संपूर्ण दिन एवं रात्रि को पार करते हुए शनिवार, 22 अगस्त की प्रातः 05:19 बजे तक रहेगा)।
- नक्षत्र: अनुराधा नक्षत्र (21 अगस्त 2026 को दोपहर पूर्व 11:53 बजे तक), इसके पश्चात ज्येष्ठा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा।
- सूर्योदय एवं सूर्यास्त: सूर्योदय प्रातः 05:53 बजे एवं सूर्यास्त सायं 06:54 बजे होगा।
शुभ मुहूर्त एवं कल्याणकारी योग
शास्त्रों के अनुसार, शुभ मुहूर्तों में प्रारंभ किए गए कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होते हैं और उत्तम फल प्रदान करते हैं। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त और योग इस प्रकार हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:51 बजे से 05:36 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: प्रातः 05:13 बजे से 06:21 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:16 बजे से 01:07 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:48 बजे से 03:39 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:02 बजे से 07:25 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: सायं 07:02 बजे से रात्रि 08:10 बजे तक
- अमृत काल: 22 अगस्त की प्रातः 04:56 बजे से 06:44 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 22 अगस्त की मध्यरात्रि 12:19 बजे से 01:04 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 06:21 बजे से दोपहर 11:53 बजे तक
- रवि योग: दोपहर 11:53 बजे से 22 अगस्त की प्रातः 06:21 बजे तक
अशुभ समय एवं सावधानियां
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल, यमगण्ड और दुर्मुहूर्त जैसे समय में नए कार्यों का शुभारंभ, यात्रा अथवा कोई भी महत्वपूर्ण सौदा करने से बचना चाहिए।
- राहुकाल: प्रातः 11:06 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक
- यमगण्ड: अपराह्न 03:52 बजे से सायं 05:27 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: प्रातः 08:53 बजे से 09:44 बजे तक
- गुलिक काल: प्रातः 07:56 बजे से 09:31 बजे तक
- वर्ज्य: सायं 06:10 बजे से रात्रि 07:57 बजे तक
- आडल योग: दोपहर 11:53 बजे से 22 अगस्त की प्रातः 06:21 बजे तक
- गण्ड मूल: दोपहर 11:53 बजे से 22 अगस्त की प्रातः 06:21 बजे तक
- बाण रज: दोपहर 11:50 बजे से संपूर्ण रात्रि तक
- विंछुड़ो: संपूर्ण दिन-रात प्रभावी रहेगा।
भारत के विभिन्न राज्यों की राजधानियों में राहुकाल सारणी (21.08.2026)
| राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी | राहुकाल की समयावधि |
| दिल्ली | नई दिल्ली | प्रातः 10:46 से दोपहर 12:24 बजे तक |
| उत्तर प्रदेश | लखनऊ | प्रातः 10:41 से दोपहर 12:19 बजे तक |
| बिहार | पटना | प्रातः 10:25 से दोपहर 12:03 बजे तक |
| पंजाब / हरियाणा | चंडीगढ़ | प्रातः 10:49 से दोपहर 12:28 बजे तक |
| राजस्थान | जयपुर | प्रातः 10:52 से दोपहर 12:31 बजे तक |
| मध्य प्रदेश | भोपाल | प्रातः 10:46 से दोपहर 12:23 बजे तक |
| महाराष्ट्र | मुंबई | प्रातः 10:59 से दोपहर 12:34 बजे तक |
| गुजरात | गांधीनगर | प्रातः 11:05 से दोपहर 12:43 बजे तक |
| पश्चिम बंगाल | कोलकाता | प्रातः 10:02 से दोपहर 11:41 बजे तक |
| तमिलनाडु | चेन्नई | प्रातः 10:37 से दोपहर 12:10 बजे तक |
| तेलंगाना | हैदराबाद | प्रातः 10:43 से दोपहर 12:18 बजे तक |
| कर्नाटक | बेंगलुरु | प्रातः 10:49 से दोपहर 12:24 बजे तक |
| केरल | तिरुवनंतपुरम | प्रातः 10:52 से दोपहर 12:25 बजे तक |
| छत्तीसगढ़ | रायपुर | प्रातः 10:31 से दोपहर 12:09 बजे तक |
| झारखंड | रांची | प्रातः 10:21 से दोपहर 11:59 बजे तक |
| ओडिशा | भुवनेश्वर | प्रातः 10:16 से दोपहर 11:54 बजे तक |
| आंध्र प्रदेश | अमरावती | प्रातः 10:32 से दोपहर 12:08 बजे तक |
| गोवा | पणजी | प्रातः 10:57 से दोपहर 12:33 बजे तक |
| असम | दिशपुर | प्रातः 09:37 से पूर्वाह्न 11:16 बजे तक |
| अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | प्रातः 09:28 से पूर्वाह्न 11:07 बजे तक |
| नागालैंड | कोहिमा | प्रातः 09:32 से पूर्वाह्न 11:11 बजे तक |
| मणिपुर | इंफाल | प्रातः 09:37 से पूर्वाह्न 11:16 बजे तक |
| मेघालय | शिलोंग | प्रातः 09:44 से पूर्वाह्न 11:23 बजे तक |
| मिजोरम | आइजोल | प्रातः 09:41 से पूर्वाह्न 11:20 बजे तक |
| त्रिपुरा | अगरतला | प्रातः 09:51 से पूर्वाह्न 11:30 बजे तक |
| सिक्किम | गंगटोक | प्रातः 09:56 से पूर्वाह्न 11:35 बजे तक |
| जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर / जम्मू | प्रातः 10:55 से दोपहर 12:36 बजे तक |
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी और माता दुर्गा की उपासना का विशेष विधान है। आज सर्वार्थ सिद्धि योग और अनुराधा नक्षत्र का शुभ संयोग होने के कारण पूजा-पाठ, जप और दान-पुण्य करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। अपने महत्वपूर्ण कार्यों को राहुकाल से बचाकर शुभ मुहूर्तों में ही संपन्न करें।
















































