New Delhi में आयोजित UP-Japan Investment Meet 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात रखी। उन्होंने राज्य की समृद्ध आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए जापान के साथ मजबूत संबंधों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यूपी और जापान के रिश्ते महज आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह प्राचीन सभ्यतागत जुड़ाव है। उन्होंने उल्लेख किया कि जहाँ जापान ‘लैंड ऑफ राइजिंग सन’ है, वहीं उत्तर प्रदेश ‘लैंड ऑफ सूर्यवंश’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।
फूड बास्केट और बौद्ध विरासत: मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को पूरे भारत देश का ‘फूड बास्केट’ करार दिया और बताया कि कुल राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी लगभग 21 प्रतिशत है। उन्होंने राज्य के भीतर कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की विशाल संभावनाओं को रेखांकित किया। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश को ‘लैंड ऑफ श्रीराम’, ‘लैंड ऑफ श्रीकृष्ण’, ‘लैंड ऑफ बुद्ध’ और ‘लैंड ऑफ अनलिमिटेड पोटेंशियल’ कहा। उन्होंने कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती और कुशीनगर जैसे बौद्ध तीर्थस्थलों के साथ-साथ ओडीओपी योजना के अंतर्गत शामिल काला नमक चावल का उल्लेख किया।
ग्रोथ इंजन और प्रति व्यक्ति आय: अपने संबोधन में सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी के कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश आज भारत की टॉप थ्री इकोनामी में जगह बना चुका है। राज्य अब देश के मुख्य ग्रोथ इंजन के रूप में उभरकर सामने आया है। बीते 9 वर्षों में सुरक्षा और स्थायित्व के माहौल के बीच उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना बढ़ाया गया है। राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। इस साल फरवरी में सीएम योगी ने जापान यात्रा कर वहां के उद्योगपतियों से मुलाकात की थी।
औद्योगिक लैंड बैंक और स्टार्टअप्स: निवेश और नवाचार के नए केंद्र के रूप में उभरे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक उपलब्धियाँ साझा करते हुए सीएम योगी ने आंकड़ों का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में 96 लाख से अधिक MSMEs, 35,000 से अधिक बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक Startups अर्थव्यवस्था को बल दे रहे हैं। निवेशकों के लिए 75 हजार एकड़ से अधिक का डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल लैंड बैंक मौजूद है। सीएम योगी ने यह भी रेखांकित किया कि देश के कुल मोबाइल निर्माण का 55 प्रतिशत उत्पादन वर्तमान में उत्तर प्रदेश में ही किया जा रहा है।
इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप और रोजगार: सीएम योगी ने कहा कि भारत-जापान के Strategic Vision को अब यूपी और जापानी उद्योग के बीच इन्वेस्टमेंट, इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग तथा टेक्नोलॉजी के माध्यम से कंक्रीट पार्टनरशिप में बदलने का यह सर्वोत्तम समय है। उन्होंने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की एस्कॉर्ट कुबोटा परियोजना का विशेष उल्लेख किया। इस प्रोजेक्ट से लगभग 4,000 रोजगार सृजित होंगे, जिसके पहले चरण में सालाना 60,000 ट्रैक्टर और 15,000 कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट बनाने की क्षमता प्रस्तावित है। इससे उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को भारी मजबूती मिलेगी।
दीर्घकालिक कमिटमेंट और सहयोग: जापानी उद्योगों की तारीफ करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत क्वालिटी और लॉन्ग टर्म कमिटमेंट की सोच है। उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक मजबूत और लॉन्ग टर्म जापानी इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम तैयार करना है। उत्तर प्रदेश जापान को एक प्रमुख साझेदार के रूप में स्थापित करने के लिए एक विश्वसनीय सहयोगी के तौर पर तत्पर है। फरवरी में अपनी जापान यात्रा के दौरान भी मुख्यमंत्री ने सूर्य की पहली किरण और सूर्यवंश की पावन धरा को आपस में जोड़ने वाले आत्मीय संवाद का जिक्र किया था।















































