ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजकुमार और वनस्पतियों के स्वामी माने जाने वाले बुध देव 22 अगस्त 2026 की शाम 7 बजकर 32 मिनट पर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। वे 7 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 34 मिनट तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे और इसके पश्चात अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश कर जाएंगे।
बुद्धिमत्ता, वाणी, तर्कशास्त्र, व्यापार और संचार क्षमता के कारक ग्रह बुध के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर अलग-अलग रूपों में देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं कि इस गोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इसके शुभ परिणामों की प्राप्ति तथा अशुभ प्रभावों के निवारण हेतु आपको क्या-क्या विशेष उपाय करने चाहिए।
मेष राशि बुध का यह गोचर आपकी जन्मपत्रिका के पांचवें भाव (संतान, बुद्धि, विवेक और प्रेम संबंध) में होने जा रहा है।
- गोचर प्रभाव: इस अवधि में आपके मन में प्रसन्नता और उत्साह बना रहेगा। समाज और कार्यक्षेत्र में लोग आपकी बातों और विचारों को गंभीरता से लेंगे, जिससे आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। आपको किसी पैतृक संपत्ति से अचानक वित्तीय लाभ होने के प्रबल योग हैं। यदि आपके घर में गौपाल है, तो यह समय आपकी संतान और जीवनसाथी के लिए भी बेहद अनुकूल सिद्ध होगा।
- अचूक उपाय: 7 सितंबर तक निरंतर गाय को हरा चारा या हरी घास खिलाएं।
वृष राशि बुध ग्रह आपकी जन्मपत्रिका के चौथे भाव (माता, सुख, भूमि, भवन और वाहन) में गोचर करेंगे।
- गोचर प्रभाव: इस गोचर के दौरान आपको माता-पिता का भरपूर स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होगा। आपकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। सरकारी कामकाज या प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को मनचाहा लाभ मिलेगा। आपके व्यवहार में धैर्य और गंभीरता बढ़ेगी, जो आपको प्रगति की ओर ले जाएगी।
- अचूक उपाय: बुध देव के इस बीज मंत्र का नियमित रूप से जप करें — “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:”।
मिथुन राशि बुध देव आपकी जन्मपत्रिका के तीसरे भाव (पराक्रम, भाई-बहन और प्रसिद्धि) में प्रवेश करेंगे।
- गोचर प्रभाव: भाइयों और बहनों के साथ आपके संबंधों में मधुरता आएगी और आपसी सहयोग बढ़ेगा। आप अपनी अभिव्यक्ति और प्रेजेंटेशन स्किल के बल पर दफ़्तर और समाज में अलग पहचान बनाएंगे। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और आपकी मेहनत का पूरा-पूरा फल आपको प्राप्त होगा।
- अचूक उपाय: रात को साबुत हरे मूंग पानी में भिगोकर रखें और अगले दिन सुबह पक्षियों या जानवरों को खिलाएं।
कर्क राशि बुध का यह गोचर आपकी जन्मपत्रिका के दूसरे भाव (धन, कुटुंब और वाणी) में होने जा रहा है।
- गोचर प्रभाव: व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और आपका व्यवसाय नई ऊंचाइयों को छुएगा। आपकी वाकपटुता (मीठी वाणी) से रुके हुए कार्य आसानी से बन जाएंगे। आपकी बौद्धिक क्षमता निखरेगी और आप आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। लेखन, मीडिया या शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जातकों के लिए उनकी कलम ही सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
- अचूक उपाय: किसी भी प्रकार के दोष से बचने और शुभता के लिए चांदी का आभूषण (अंगूठी या चैन) धारण करें।
सिंह राशि बुध का गोचर आपकी ही राशि यानी जन्मपत्रिका के प्रथम (लग्न) भाव में होने जा रहा है, जो आपके स्वास्थ्य और व्यक्तित्व को प्रभावित करता है।
- गोचर प्रभाव: आपकी मेहनत और बुद्धि के बल पर आपको तमाम भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त होंगी। दांपत्य जीवन में प्रगाढ़ता आएगी और जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतरीन रहेगा। इस राशि की महिलाओं के लिए यह समय करियर में तरक्की के नए अवसर लेकर आएगा। संतान पक्ष को भी आगे बढ़ने के शुभ अवसर मिलेंगे।
- अचूक उपाय: हरे रंग के कपड़ों का प्रयोग करने से बचें और अधिक से अधिक हरी वस्तुओं या वस्तुओं का दान करें।
कन्या राशि बुध देव आपकी जन्मपत्रिका के बारहवें भाव (व्यय, विदेश और शय्या सुख) में गोचर करने वाले हैं।
- गोचर प्रभाव: इस गोचर के दौरान आपको विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अपना काम निकालने के लिए भूलकर भी असत्य का सहारा न लें। दूसरों पर अनावश्यक संदेह करने से बचें और सहकर्मियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखें। यदि आप नया वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो हरे रंग का वाहन लेने से बचें।
- अचूक उपाय: भगवान श्री गणेश की नियमित आराधना करें और किसी से भी किए गए वादे को हर हाल में पूरा करें।
तुला राशि बुध का यह गोचर आपकी जन्मपत्रिका के ग्यारहवें भाव (आय, लाभ और इच्छा पूर्ति) में होगा।
- गोचर प्रभाव: यह गोचर आपकी लंबे समय से रुकी हुई किसी मनोकामना को पूरा कर सकता है। हालांकि, अपनी आमदनी को बढ़ाने के लिए आपको लगातार प्रयास जारी रखने होंगे। व्यर्थ के खर्चों और अनावश्यक समय की बर्बादी पर नियंत्रण रखना आपके हित में रहेगा।
- अचूक उपाय: मां दुर्गा के मंदिर में हरे रंग का दुपट्टा या वस्त्र अर्पित करें।
वृश्चिक राशि बुध ग्रह आपकी जन्मपत्रिका के दसवें भाव (करियर, कर्म, राज्य और पिता) में गोचर करेंगे।
- गोचर प्रभाव: कार्यक्षेत्र में आपका मन लगेगा और आपका प्रदर्शन सराहनीय रहेगा। ऑफिस में आप सभी के प्रिय बनेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। आपके पास भौतिक सुख-सुविधाओं के साधनों की कोई कमी नहीं रहेगी और आप मानसिक रूप से काफी संतुष्ट एवं प्रसन्न अनुभव करेंगे।
- अचूक उपाय: किसी मंदिर में मिट्टी का घड़ा दान करें।
धनु राशि बुध का यह गोचर आपकी जन्मपत्रिका के नौवें भाव (भाग्य और धर्म) में होने जा रहा है।
- गोचर प्रभाव: इस दौरान आपको भाग्य का उतना सहारा नहीं मिल पाएगा जितनी आप अपेक्षा कर रहे हैं। आपको पूरी तरह अपनी कड़ी मेहनत और पुरुषार्थ पर ही निर्भर रहना होगा। किसी व्यक्ति से किया गया वादा निभाना आपके लिए बेहद जरूरी रहेगा, अन्यथा आपकी साख प्रभावित हो सकती है।
- अचूक उपाय: अपने दैनिक जीवन में हरे रंग की चीजों का उपयोग करने से बचें।
मकर राशि बुध देव आपकी जन्मपत्रिका के आठवें भाव (आयु, संकट और शोध) में प्रवेश करेंगे।
- गोचर प्रभाव: स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह गोचर आपके लिए उत्तम रहने वाला है। आपकी तार्किक व बौद्धिक क्षमता मजबूत होगी। आप शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट और ऊर्जावान महसूस करेंगे। नई चीजें सीखने और शोध संबंधी कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
- अचूक उपाय: प्रतिदिन या प्रत्येक बुधवार को बुध मंत्र — “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:” का 11 बार स्पष्ट उच्चारण के साथ जप करें।
कुंभ राशि बुध का यह गोचर आपकी जन्मपत्रिका के सातवें भाव (जीवनसाथी, साझेदारी और व्यापार) में होगा।
- गोचर प्रभाव: दांपत्य जीवन सुखद रहेगा और जीवनसाथी का हर मोड़ पर सहयोग प्राप्त होगा। आपकी बुद्धि और लेखन क्षमता से बड़े से बड़े विरोधी भी शांत हो जाएंगे। यदि कोई कोर्ट-कचहरी या कानूनी विवाद चल रहा है, तो निर्णय आपके पक्ष में आने की पूरी संभावना है।
- अचूक उपाय: पानी में भिगोए हुए साबुत हरे मूंग किसी धार्मिक स्थल या मंदिर में दान करें।
मीन राशि बुध ग्रह आपकी जन्मपत्रिका के छठे भाव (शत्रु, रोग, ऋण और मित्र) में गोचर करेंगे।
- गोचर प्रभाव: व्यापार में सामान्य रूप से गति बनी रहेगी। हालांकि, इस दौरान आपको अपने घर के बुजुर्गों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। यदि आंखों से जुड़ी कोई समस्या या परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
- अचूक उपाय: घर की महिलाएं अपने बाएं हाथ की अंगुली में शुद्ध चांदी का छल्ला धारण करें।















































