क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर विपक्षी दलों को जोड़ने निकली हैं? हालांकि, उन्होंने या तृणमूल कांग्रेस ने भी तक इसे लेकर साफतौर से कुछ नहीं कहा है, लेकिन सीएम बनर्जी का संभावित तमिलनाडु दौरा इस बात के संकेत दे रहा है। खबर है कि टीएमसी सुप्रीमो दक्षिण भारतीय राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात कर सकती हैं।
बनर्जी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एलए गणेशन के बड़े भाई के जन्मदिन समारोह में शामिल होने चेन्नई जा रही हैं। वह बुधवार को सीएम स्टालिन से मुलाकात कर सकती हैं। अब राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बनर्जी विपक्ष का चेहरा बनने के लिए दांव चल रही है। हालांकि, जनता के रुपयों पर निजी कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर विपक्ष ने टीएमसी प्रमुख पर सवाल उठाए हैं।
बीते साल दिसंबर तक बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ विपक्ष का आधार बनने के प्रयास किए। इससे पहले साल 2021 में बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत ने भी उनकी कोशिशों को बल दिया। उन्होंने भाजपा के खिलाफ खुद को विपक्ष का प्रमुख चेहरा साबित करने के लिए जमकर दौरे किए। उस दौरान वह कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी से लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार तक से मिलीं। इधर, उनकी पार्टी भी अन्य दलों के नेताओं को शामिल कर विस्तार करती रही।





































