राजनीतिक अटकलें: उत्तर प्रदेश के हरदोई पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के सपा में शामिल होने की चर्चाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के लोग इतने तैयार हैं कि भाजपा सरकार को हर कोई छोड़ना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की राजनीतिक परिस्थितियां क्या मोड़ लेती हैं, यह तो वही नेता बेहतर बता सकते हैं।
मुलाकात और बड़प्पन: यह पूरा घटनाक्रम उस समय चर्चा में आया जब पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कन्नौज सांसद और अखिलेश यादव के व्यवहार की प्रशंसा की थी। दरअसल, बहराइच सदर से भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल का चेहरा सपा सुप्रीमो का पुतला जलाते समय झुलस गया था। अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की थी, जिसे बृजभूषण शरण सिंह ने अखिलेश यादव का ‘बड़प्पन’ करार दिया था।
अस्पताल का दौरा: भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल की खैरियत जानने के लिए लखनऊ के मेदांता अस्पताल पहुंचने वाले राज्य के वरिष्ठ नेताओं में अखिलेश यादव सबसे पहले थे। उनके इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी। उनके बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी विधायक से मुलाकात की थी।
बीजेपी की आलोचना: कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह बीते कुछ समय से अपनी ही पार्टी की नीतियों के प्रति मुखर रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर भारतीय जनता पार्टी की नीतियों की खुलकर आलोचना की है। उनके बयानों से यह संकेत मिल रहे थे कि वे पार्टी के भीतर कुछ मुद्दों को लेकर असहमत हैं, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कयासबाजी का दौर शुरू हो गया।
विवादास्पद टिप्पणी: बृजभूषण शरण सिंह की हालिया टिप्पणियों में सबसे ज्यादा चर्चा उस बयान की हुई जिसमें उन्होंने सामाजिक समीकरणों पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा वक्त में मुसलमान और ब्राह्मण दोनों ही ‘खलनायक’ बने हुए हैं। इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया था और इसे उनकी पार्टी से बढ़ती दूरियों के रूप में देखा गया था, जिस पर अब अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
पारिवारिक राजनीतिक कद: पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का परिवार वर्तमान में उत्तर प्रदेश की राजनीति में काफी सक्रिय और प्रभावी है। उनके एक बेटे करणभूषण सिंह वर्तमान में सांसद हैं, जबकि दूसरे बेटे प्रतीक भूषण सिंह विधायक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। परिवार के इस मजबूत राजनीतिक आधार के बीच बृजभूषण शरण सिंह के किसी भी कदम का राज्य की सियासत पर गहरा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

























































