शनिवार का दिन न्याय के देवता भगवान शनिदेव को समर्पित है। आपको बता दें कि शनिदेव को कर्मफल दाता और न्याय के देवता कहा जाता है। शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल देते हैं। इस दिन शनिदेव की पूजा करने से साढ़ेसाती और ढैय्या जैसे दोषों का प्रभाव कम होता है। इसके साथ ही शनिवार के दिन शनिदेव को तेल चढ़ाने का भी विधान है। लेकिन शनिदेव को तेल चढ़ाने के कुछ नियम हैं, जिनका पालन करने से ही शुभ फल प्राप्त होता है। तो आइए जानते हैं शनिदेव को तेल चढ़ाने की सही विधि के बारे में।
शनिदेव को तेल चढ़ाने की सही विधि और नियम
- शनिदेव को तेल चढ़ाते समय उनकी आंखों में नहीं देखें और न ही मूर्ति के ठीक सामने खड़े हों। हमेशा थोड़ा दाएं या बाएं हटकर ही खड़े हों।
- शनिदेव के चरणों में देखते हुए तेल चढ़ाना चाहिए।
- तेल चढ़ाने के बाद शनिदेव के सामने सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं।
- शनिदेव को तेल चढ़ाने वाले दीये में काला तिल भी जरूर रखें। ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है।
- तेल अर्पित करते समय शनि देव के इस मंत्र का जाप करें। शनिदेव मंत्र इस प्रकार है- ॐ शं शनैश्चराय नमः।
- शनिदेव को तेल चढ़ाने के बाद गरीब और जरूरतमंदों को काला तिल, उड़द की दाल और काले वस्त्र का दान करें।
- पूरी श्रद्धा और शांत मन के साथ शनिदेव की पूजा करें।
- शनिदेव को तेल चढ़ाने के बाद पीपल पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीया भी जलाएं, ऐसा करना शुभ माना जाता है।
शनिवार के दिन न करें ये काम
- शनिवार के दिन लोहे का सामान नहीं खरीदना चाहिए।
- शनिवार के दिन सरसों का तेल भी नहीं खरीदना चाहिए।
- शनिवार के दिन तामसिक भोजन करने से भी बचना चाहिए।
- शनिवार के दिन बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए।
- गरीब, असहाय, बुजुर्गों या महिलाओं का अनादर न करें।
शनिवार के दिन क्या करना चाहिए
- शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा के साथ हनुमान जी की भी आराधना करनी चाहिए।
- शनिवार के दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- सुबह जल्दी उठकर पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- शनिवार के दिन काले कुत्ते को रोटी खिलाना और चींटियों को आटा डालना फलदायी होता है।
























































