इस समय मध्य-पूर्व के हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और युद्ध की टेंशन अभी भी बरकरार है। यह विवाद इसी साल 28 फरवरी को Tehran पर किए गए बड़े हमले के बाद से लगातार गहराता जा रहा है। यह हमला America और Israel द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था, जिसके बाद तनाव अपने चरम पर पहुंच गया। फिलहाल युद्ध क्षेत्र में सीजफायर लागू किया गया है ताकि शांति बहाली के प्रयास किए जा सकें। हालांकि, सीजफायर के बावजूद मध्य-पूर्व में तनाव की स्थिति लगातार ज्यों की त्यों बनी हुई है।
समझौते का लंबा इंतजार मौजूदा तनाव को कम करने के लिए America और Iran के बीच शांति समझौते को लेकर लगातार बातचीत हो रही है। दोनों देशों के प्रतिनिधि लंबे समय से वार्ता कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। इन तमाम कोशिशों के बावजूद फाइनल डील पर अब तक बात पूरी तरह से नहीं बन पाई है। ईरान के साथ समझौते को लेकर हो रही इसी देरी ने राजनीतिक माहौल को और भी ज्यादा गर्म कर दिया है। इसी खींचतान और बढ़ती टेंशन के बीच अमेरिकी राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है।
मीडिया पर ट्रंप का गुस्सा इसी देरी और तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा है। वे फिर से America की मीडिया और Democrats पर बुरी तरह से भड़क उठे हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक लंबी पोस्ट करके फेक न्यूज़ फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका मानना है कि मीडिया की रिपोर्टिंग पूरी तरह से पक्षपाती और अमेरिका के हितों के खिलाफ है। उन्होंने साफ कहा है कि मीडिया और डेमोक्रेट्स दोनों ही पूरी तरह से अपने रास्ते से भटक गए हैं।
ईरानी सेना की हार अपनी पोस्ट में Donald Trump ने एक काल्पनिक स्थिति के जरिए मीडिया की मानसिकता को उजागर करने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि अगर Iran सरेंडर कर दे और मान ले कि उसकी नेवी तबाह हो चुकी है। यदि वह यह भी स्वीकार कर ले कि उसकी एयरफोर्स अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। और यदि उसकी पूरी सेना सफेद झंडा लहराते हुए Tehran में हथियार डाल दे और हाथ ऊपर उठाए। यदि हर कोई ‘मैं सरेंडर करता हूं’ चिल्लाते हुए बाहर आ जाए, तो भी मीडिया इसे अमेरिका की जीत नहीं मानेगा।
दस्तावेजों पर हस्ताक्षर ट्रंप ने अपनी आलोचना को और तीखा करते हुए लीडरशिप के आत्मसमर्पण का भी उदाहरण दिया। उन्होंने लिखा कि अगर Iran की बाकी पूरी लीडरशिप सभी जरूरी आत्मसमर्पण दस्तावेजों पर साइन कर दे। इसके साथ ही वे America के सामने आधिकारिक रूप से अपनी पूर्ण हार भी कबूल कर लें। तो भी अमेरिका का यह नाकाम मीडिया इस पूरी घटना को Iran की जीत बताने से बिल्कुल नहीं चूकेगा। वे हर हाल में ऐसी रिपोर्टिंग करेंगे जिससे अमेरिका की छवि को नुकसान पहुंचे।
न्यूज़ चैनलों की आलोचना राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने इस आक्रामक पोस्ट में सिर्फ मीडिया को ही नहीं बल्कि प्रमुख नामों को भी घेरा। उन्होंने New York Times, WSJ और CNN समेत कई अन्य अमेरिकी मीडिया संस्थानों पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर America के सामने ईरान पूरी तरह झुक भी जाए, तो भी इन चैनलों की कवरेज नहीं बदलेगी। ये मीडिया चैनल ऐसे दिखाएंगे कि जैसे ईरान ने अमेरिका पर कोई बहुत शानदार जीत हासिल कर ली हो। ट्रंप के मुताबिक इन संस्थानों का एकमात्र उद्देश्य सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करना रह गया है।





































