साउथ कैरोलिना के सीनेटर लिंडसे ग्राहम हमेशा से ही ईरान की वर्तमान सत्ता और उसकी नीतियों के बहुत बड़े आलोचक रहे थे। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में बार-बार यह कड़ा तर्क दिया था कि ईरान के मौजूदा नेतृत्व को तुरंत सत्ता से हटा दिया जाना चाहिए। हाल ही में 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद, सीनेटर ग्राहम ने खुले तौर पर ईरानी सरकार को गिराने की जोरदार मांग की थी। उनके इस तरह के आक्रामक बयानों के कारण ही ईरान का पूरा नेतृत्व और वहां का मीडिया उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता था। यही वजह है कि उनकी अचानक हुई संदिग्ध मौत के बाद आज पूरी ईरानी मीडिया बहुत ही खुलकर अपनी खुशी का इजहार कर रही है।
गाजा संघर्ष और इजरायल का समर्थन: सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मध्य पूर्व की राजनीति में हमेशा ही इजरायल का खुलकर और बेहद मजबूती के साथ बचाव किया था। हाल ही में चल रहे गाजा संघर्ष के दौरान भी उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के इजरायल का पुरजोर समर्थन किया था। उन्होंने एक सार्वजनिक मंच पर यह सुझाव देकर एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा कर दिया था जो काफी चर्चा में रहा। ग्राहम ने कहा था कि गाजा में हमास के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना इजरायल के लिए पूरी तरह से सही हो सकता है। उनके इस बेहद ही आक्रामक सुझाव ने न केवल ईरान बल्कि पूरे विश्व स्तर पर मानवाधिकार समर्थकों को काफी नाराज कर दिया था।
रूस और यूक्रेन युद्ध पर स्टैंड: लिंडसे ग्राहम की विदेश नीति केवल मध्य पूर्व तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वे यूरोप के मामलों में भी काफी सक्रिय हस्तक्षेप करते थे। उन्होंने रूस के खिलाफ चल रहे मौजूदा विनाशकारी युद्ध में यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने का बहुत ही दृढ़ता से समर्थन किया था। उनका मानना था कि रूसी आक्रामकता को रोकने के लिए यूक्रेन की सेना को हर प्रकार के उन्नत हथियारों से लैस करना बहुत आवश्यक है। इस आक्रामक अमेरिकी रुख के कारण वे रूस के समर्थकों और उसके सहयोगी देशों की नजरों में भी एक बड़ी खटकने वाली राजनीतिक हस्ती बन गए थे। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में उनके इन्ही कड़े फैसलों के कारण ही उनके बहुत सारे वैश्विक दुश्मन भी तेजी से पैदा हो गए थे।
ईरानी एंकर द्वारा नरक भेजने का दावा: लिंडसे ग्राहम की मौत की खबर फैलते ही ईरान के सरकारी मीडिया चैनलों ने अपने प्रसारण के तरीके को बेहद आक्रामक बना लिया। ईरान के एक प्रमुख न्यूजरीडर ने टीवी पर अपने दर्शकों को संबोधित करते हुए एक बहुत ही सनसनीखेज और विवादित दावा किया। एंकर ने अपनी भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान-विरोधी अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को आखिरकार नरक भेज दिया गया है। उन्होंने ग्राहम को एक “युद्ध भड़काने वाला” नेता करार दिया और इस संदिग्ध मौत पर पूरे ईरानी राष्ट्र को खुलेआम बधाई दी। इस प्रकार के सीधे और भड़काऊ प्रसारण ने इस बात की आशंकाओं को जन्म दे दिया है कि इस मौत के तार तेहरान से जुड़े हो सकते हैं।
साजिश की थ्योरी को मिली हवा: ईरान की सरकारी मीडिया द्वारा चलाए जा रहे इस आक्रामक प्रसारण और जश्न ने अमेरिका की घरेलू राजनीति में भी भूचाल ला दिया है। इन भड़काऊ मीडिया रिपोर्टों ने सीधे तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर MAGA समर्थकों के बीच साजिश की थ्योरी को भारी हवा दी। इन समर्थकों का मानना है कि सीनेटर की मौत कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत गहरी और विदेशी राजनीतिक साजिश है। लगातार आ रहे ईरानी बयानों ने ट्रंप समर्थकों के इस डर को और भी पुख्ता कर दिया है कि उनके नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार इस तरह की चर्चाएं हो रही हैं कि विदेशी ताकतों ने अमेरिकी धरती पर एक बहुत बड़े राजनीतिक नेता को खत्म कर दिया है।
गहन जांच की लगातार मांग: साजिश की इन थ्योरी के जोर पकड़ने के बाद, अब अमेरिका के भीतर लिंडसे ग्राहम की मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप के कई समर्थकों ने सरकार और खुफिया एजेंसियों से अपील की है कि वे इस मौत के हर पहलू की पूरी गंभीरता से जांच करें। इन समर्थकों ने अपनी मांग के समर्थन में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा पहले दी गई धमकियों का भी हवाला दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि IRGC ने सीनेटर ग्राहम की ईरान विरोधी नीतियों के कारण उन्हें पहले भी कई बार जान से मारने की खुली धमकियां दी थीं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिकी प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और ईरानी दावों की किस हद तक पड़ताल की जाती है।


























































