भारतीय सनातन परम्परा में किसी भी शुभ कार्य का आरंभ करने से पहले पंचांग देखने की प्रथा है। आज सोमवार, 13 जुलाई 2026 का दिन है। यह भगवान शिव की आराधना का विशेष दिन माना जाता है।
नीचे शक संवत 1948 और विक्रम संवत् 2083 के आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और भारत के सभी राज्यों की राजधानियों के अनुसार राहुकाल का सटीक समय दिया गया है।
📅 आज के पंचांग का मुख्य सार (13 जुलाई 2026)
- तिथि: चतुर्दशी तिथि सायं 06 बजकर 49 मिनट तक रहेगी, जिसके उपरांत अमावस्या तिथि का आरंभ हो जाएगा।
- नक्षत्र: मृगशिरा नक्षत्र प्रातः 05 बजकर 41 मिनट तक रहेगा, तत्पश्चात आर्द्रा नक्षत्र का आरंभ होगा।
- योग: ध्रुव योग दोपहर 04 बजकर 00 मिनट तक रहेगा, इसके उपरांत व्याघात योग लगेगा।
- करण: विष्टि (भद्रा) करण प्रातः 08 बजकर 39 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद शकुनि करण की शुरुआत होगी।
- अयन एवं ऋतु: सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल और वर्षा ऋतु चल रही है।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति:
- सूर्य देव: मिथुन राशि में विराजमान हैं।
- चन्द्र देव: दिन-रात मिथुन राशि में ही संचार करेंगे।
सूर्योदय एवं चंद्रोदय का समय:
- सूर्योदय: प्रातः 05:32 बजे
- सूर्यास्त: सायं 07:22 बजे
- चंद्रोदय: 14 जुलाई की तड़के 05:07 बजे
- चंद्रास्त: सायं 06:36 बजे
🌟 आज के शुभ काल और मुहूर्त
किसी भी नए और मांगलिक कार्य को शुरू करने के लिए शुभ मुहूर्तों का विशेष ध्यान रखा जाता है। आज के शुभ काल इस प्रकार हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: यह समय अत्यंत पावन माना जाता है। आज इसके दो चरण हैं – पहला प्रातः 03 बजकर 55 मिनट से 04 बजकर 41 मिनट तक और दूसरा प्रातः 04 बजकर 56 मिनट से 05 बजकर 28 मिनट तक।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक। (यह किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वोत्तम माना जाता है)
- अमृत काल: सायं 06 बजकर 02 मिनट से सायं 07 बजकर 27 मिनट तक।
आज के शुभ चौघड़िया मुहूर्त:
- अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 05 बजकर 32 मिनट से 07 बजकर 16 मिनट तक।
- शुभ (उत्तम): प्रातः 08 बजकर 59 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक।
- चर (सामान्य): दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से सायं 03 बजकर 54 मिनट तक।
- लाभ (उन्नति): सायं 03 बजकर 54 मिनट से सायं 05 बजकर 38 मिनट तक।
⚠️ आज के अशुभ काल और मुहूर्त
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ विशेष समय अवधियों में शुभ या महत्वपूर्ण कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है:
- भद्रा (विष्टि) काल: प्रातः 05 बजकर 32 मिनट से प्रातः 08 बजकर 39 मिनट तक।
- गुलिकाल: दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से सायं 03 बजकर 54 मिनट तक।
- यमगण्ड: प्रातः 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक।
- दिशा शूल: आज पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।
⏳ भारत के सभी राज्यों की राजधानियों में राहुकाल का समय
राहुकाल को किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। चूँकि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में भौगोलिक भिन्नता होती है, इसलिए हर शहर में राहुकाल का समय अलग-अलग होता है। 13 जुलाई 2026 के लिए विभिन्न राजधानियों का राहुकाल नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किया गया है:
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | राजधानी | राहुकाल का समय (प्रातः) |
| दिल्ली (NCT) | नई दिल्ली | 07:16 AM से 08:59 AM |
| उत्तर प्रदेश | लखनऊ | 07:05 AM से 08:48 AM |
| बिहार | पटना | 06:51 AM से 08:34 AM |
| गुजरात | गांधीनगर | 07:37 AM से 09:20 AM |
| मध्य प्रदेश | भोपाल | 07:16 AM से 08:59 AM |
| महाराष्ट्र | मुंबई | 07:32 AM से 09:15 AM |
| राजस्थान | जयपुर | 07:25 AM से 09:08 AM |
| पश्चिम बंगाल | कोलकाता | 06:45 AM से 08:28 AM |
| कर्नाटक | बेंगलुरु | 07:31 AM से 09:14 AM |
| तमिलनाडु | चेन्नई | 07:20 AM से 09:03 AM |
| तेलंगाना | हैदराबाद | 07:23 AM से 09:06 AM |
| केरल | तिरुवनंतपुरम | 07:31 AM से 09:14 AM |
| ओडिशा | भुवनेश्वर | 06:58 AM से 08:41 AM |
| छत्तीसगढ़ | रायपुर | 07:09 AM से 08:52 AM |
| झारखंड | रांची | 06:53 AM से 08:36 AM |
| पंजाब / हरियाणा | चंडीगढ़ | 07:17 AM से 09:00 AM |
| उत्तराखंड | देहरादून | 07:10 AM से 08:53 AM |
| हिमाचल प्रदेश | शिमला | 07:12 AM से 08:55 AM |
| जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर | 07:12 AM से 08:55 AM |
| असम | गुवाहाटी | 06:21 AM से 08:04 AM |
| त्रिपुरा | अगरतला | 06:33 AM से 08:16 AM |
| मेघालय | शिलांग | 06:27 AM से 08:10 AM |
| मिजोरम | आइजोल | 06:27 AM से 08:10 AM |
| नागालैंड | कोहिमा | 06:17 AM से 08:00 AM |
| मणिपुर | इंफाल | 06:19 AM से 08:02 AM |
| अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | 06:13 AM से 07:56 AM |
| सिक्किम | गंगटोक | 06:38 AM से 08:21 AM |
| गोवा | पणजी | 07:37 AM से 09:20 AM |
| आंध्र प्रदेश | अमरावती | 07:21 AM से 09:04 AM |
🕉️ आज का विशेष उपाय
चूँकि आज सोमवार का दिन है और यह भगवान शिव को समर्पित होता है, इसलिए आज के दिन शिवलिंग पर दूध और गंगाजल से अभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। महादेव को बेलपत्र अर्पित करें और पूरी श्रद्धा के साथ शिव चालीसा का पाठ करें। इससे जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।


























































