बद्रीनाथ धाम से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां भगवान के खजाने में सेंध लगाई गई है। श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाए गए दान में हेराफेरी का एक बहुत बड़ा और संगीन मामला उजागर हुआ है। इस मामले में एक कर्मचारी द्वारा दान पेटी से नोटों की गड्डियां और कीमती सामान चोरी करने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद से ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर कई बड़े सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया है।
प्रमोद नौटियाल को पुलिस ने पकड़ा: उत्तराखंड पुलिस ने सोमवार को जानकारी दी कि दान प्रबंधन में गड़बड़ी के मुख्य आरोपी को पकड़ लिया गया है। पुलिस के अनुसार, इस चोरी के मामले में आरोपी प्रमोद नौटियाल को उसके घर से ही गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी कर्मचारी मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस की गिरफ्त से लगातार फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस की एक टीम उसे आगे की पूछताछ और जांच के लिए बद्रीनाथ लेकर रवाना हो गई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद इस चोरी में शामिल अन्य लोगों के नामों का भी खुलासा हो सकता है।
रात के समय हुई आरोपी की गिरफ्तारी: चमोली जिले के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) सुरजीत सिंह पंवार ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने मीडिया को बताया कि प्रमोद नौटियाल को रविवार रात चमोली पुलिस की एक टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बद्रीनाथ लाया गया है, जहां उससे इस पूरी घटना को लेकर पूछताछ जारी है। यह आरोपी श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) का एक सस्पेंड किया हुआ पुराना कर्मचारी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरी सख्ती के साथ आरोपी से हर पहलू पर पूछताछ कर रही है।
बीकेटीसी की जांच में आरोप सही पाए गए: पुलिस ने बताया कि मंगलवार की देर रात आरोपी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज हुई थी। वह व्यक्ति पहले बीकेटीसी चेयरमैन के पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर एक बहुत ही जिम्मेदार पद पर काम कर रहा था। बीकेटीसी की चार सदस्यों वाली आंतरिक जांच समिति ने सबसे पहले नौटियाल के खिलाफ लगे आरोपों की जांच की थी। समिति की प्राथमिक रिपोर्ट में दान प्रबंधन में गड़बड़ी के इन सभी आरोपों को प्रथम दृष्टया पूरी तरह सही पाया गया था। बीकेटीसी उत्तराखंड में बद्रीनाथ मंदिर सहित राज्य के कई अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों का पूरा प्रबंधन संभालती है।
सोशल मीडिया से मामला आया सामने: बद्रीनाथ मंदिर में दान चोरी का यह मामला सबसे पहले सोशल मीडिया के माध्यम से ही चर्चा में आया था। सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ मंदिर में दान की गिनती के दौरान हुई गड़बड़ी के गंभीर आरोप सामने आए थे। इस खुलासे के बाद ‘भैरव सेना’ नाम के एक संगठन ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की कड़ी मांग की थी। इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने भी मामले की जांच के लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति बना दी।
दो जुलाई को सामने आई थी चोरी: बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में चोरी का यह सनसनीखेज मामला 2 जुलाई को पहली बार सामने आया था। उस समय मंदिर के सुरक्षित काउंटिंग रूम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की गिनती की जा रही थी। उसी दौरान बीकेटीसी अध्यक्ष के पीए प्रमोद नौटियाल पर पैसों में हेराफेरी करने के गंभीर आरोप लगे थे। मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर इस पूरे मामले का सच सबके सामने आ गया था। फुटेज में आरोपी 500-100 के नोटों की गड्डियां, सोने-चांदी के सिक्के और शालिग्राम चोरी करता दिखा था।


























































