दिल्ली में चल रहे इस भारी सियासी घमासान के बीच प्रसिद्ध एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने एक नया मोड़ ला दिया है। उन्होंने अपना जारी अनशन खत्म करने के लिए सरकार और प्रशासन के सामने कुछ विशेष शर्तें रख दी हैं। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल में खुद को गैर-कानूनी तरीके से नजरबंद किए जाने का एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा उनके कहीं भी आने-जाने, बोलने और बातचीत करने की बुनियादी आजादी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
चार मुख्य मांगें: सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी एक विशेष चिट्ठी पोस्ट करके उन सभी शर्तों के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने इस सार्वजनिक चिट्ठी में मुख्य रूप से चार बातों का स्पष्ट उल्लेख किया है। उनकी पहली बड़ी शर्त यह है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की नाकामियों और पेपर लीक आदि की पूरी जिम्मेदारी ले। इसके साथ ही उनकी दूसरी शर्त है कि सोनम और सीजेपी की पूरी लीडरशिप को शांतिपूर्ण ढंग से संसद तक पहुंचने दिया जाए।
सांसदों से भरोसे की मांग: उनकी तीसरी मुख्य शर्त यह है कि संसद पहुंचने पर वहां अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के सांसद और बड़े नेता उन्हें भरोसा दिलाएं। वे यह पक्का आश्वासन दें कि वे अब देश की संसद में इस गंभीर मुद्दे को पूरी प्रमुखता से उठाएंगे। उनकी चौथी और अंतिम शर्त यह है कि अगर उनकी खराब सेहत या किसी दूसरी वजह से ऐसा करना मुमकिन न हो पाए, तो अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता खुद अस्पताल में आकर चिट्ठी में बताई गई बातों का पूरा भरोसा दिलाएं।
संसद मार्ग पूरी तरह सील: इस बड़े आंदोलन के कारण पार्लियामेंट स्ट्रीट रोड पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है। वर्तमान आदेश के अनुसार इस रोड पर मीडियाकर्मियों या किसी भी प्रोटेस्टर को जाने की बिल्कुल इजाजत नहीं है। पुलिस प्रशासन द्वारा जंतर-मंतर से आगे के रास्तों को मजबूत बेरिगेड्स लगाकर पूरी तरह से सील कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी इन मजबूत बैरिकेड्स को तोड़कर ही आगे की तरफ जा सकते हैं, जो सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल मुमकिन नहीं लग रहा है।
बिना अनुमति के मार्च: दिल्ली पुलिस ने यह बात पूरी तरह से पहले ही स्पष्ट कर दी है कि इस आंदोलनकारियों द्वारा संसद मार्च की ना तो कोई परमिशन ली गई है और ना ही मार्च की कोई इजाजत दी गई है। बिना किसी आधिकारिक प्रशासनिक अनुमति के किए जा रहे इस बड़े मार्च को रोकने के लिए जंतर-मंतर पर जबरदस्त सिक्योरिटी लगाई गई है। पुलिस बल के जवान किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए मुस्तैदी से डटे हुए हैं।
मेट्रो यात्रियों को असुविधा: सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश पर एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन अगले सरकारी आदेश तक पूरी तरह बंद रहेंगे। इन स्टेशनों के बंद होने से आज दफ्तर और अन्य कामों के लिए निकलने वाले आम मेट्रो यात्रियों को काफी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस और सुरक्षा बल के अधिकारी लगातार स्थिति नियंत्रण में होने का दावा कर रहे हैं।


























































